महायुद्ध में स्वाहा हुए 2.4 लाख करोड़! ईरान के सामने पस्त हुई सुपरपावर अमेरिका की प्रतिष्ठा, जंग में गंवाए 42 सबसे घातक फाइटर जेट्स

महायुद्ध में स्वाहा हुए 2.4 लाख करोड़! ईरान के सामने पस्त हुई सुपरपावर अमेरिका की प्रतिष्ठा, जंग में गंवाए 42 सबसे घातक फाइटर जेट्स

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण महायुद्ध के बीच एक ऐसी सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। ईरान के खिलाफ जंग छेड़कर वहां सत्ता परिवर्तन का ख्वाब देख रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस युद्ध में अब तक का सबसे तगड़ा झटका लगा है। इस युद्ध में न केवल ईरान झुकने को तैयार नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका इस जंग में अपनी सैन्य साख और प्रतिष्ठा दोनों दांव पर लगा चुका है। एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस दो महीने से ज्यादा लंबे चले युद्ध में अमेरिकी सेना ने अपने 42 सबसे एडवांस लड़ाकू विमान और करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये (29 अरब डॉलर) गंवा दिए हैं। वियतनाम और इराक युद्ध के बाद अमेरिकी सैन्य इतिहास में यह सबसे बड़ी तबाही मानी जा रही है।

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान, CRS रिपोर्ट में बड़ा पर्दाफाश

अमेरिकी संसद की बेहद प्रतिष्ठित और आधिकारिक रिसर्च विंग 'कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस' (CRS) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अमेरिकी सेना को हुए इस भयानक नुकसान का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ शुरू किए गए अमेरिकी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना को अप्रत्याशित चोट पहुंची है।

इस घातक युद्ध में अमेरिका के कम से कम 42 सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान, रीपर ड्रोन और अन्य रणनीतिक एयरक्राफ्ट या तो पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुके हैं या फिर वे दोबारा उड़ान भरने के लायक नहीं बचे हैं। इस अप्रत्याशित तबाही के चलते अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) का युद्ध बजट आसमान छूने लगा है, जिससे अमेरिकी संसद में भी तीखे सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

ईरान के जाल में फंसे अमेरिका के 'किलर ड्रोन' और स्टील्थ फाइटर जेट, देखें पूरी लिस्ट

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और सेंट्रल कमान से मिले खुफिया डेटा के आधार पर तैयार की गई इस रिपोर्ट ने अमेरिकी हथियारों की अजेयता के दावों की हवा निकाल दी है। इस जंग में अमेरिका का सबसे आधुनिक और खतरनाक माना जाने वाला खतरनाक 'रीपर ड्रोन' ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम का सबसे आसान शिकार साबित हुआ है। ईरान ने आसमान में एक-एक कर अमेरिका के कुल 24 रीपर ड्रोन मार गिराए हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया का सबसे एडवांस और रडार की पकड़ में न आने वाला पांचवीं पीढ़ी का (5th Generation) स्टील्थ फाइटर जेट भी इस जंग में नष्ट हो गया है।

बर्बादी की यह लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती। अमेरिकी एयरफोर्स के 4 सबसे घातक F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स इस युद्ध में पूरी तरह डैमेज हो चुके हैं। इसके अलावा, युद्ध क्षेत्र में उड़ते लड़ाकू विमानों में हवा में ही ईंधन भरने वाले 7 विशालकाय रिफ्यूलर विमानों को भी निशाना बनाया गया है, जिसने अमेरिकी वायुसेना की कमर तोड़ कर रख दी है। नुकसान की इस फेहरिस्त में 1 ग्राउंड-अटैक विमान, 1 E-3 सेंट्री अवाक्स (AWACS) जासूसी विमान, 2 स्पेशल ऑपरेशंस एयरक्राफ्ट, 1 रेस्क्यू हेलीकॉप्टर और 1 अत्यधिक हाई-टेक जासूसी ड्रोन (MQ-4C ट्राइटन) भी शामिल हैं।

अमेरिकी खजाने पर पड़ा भारी बोझ, पेंटागन के अधिकारी ने सांसदों के सामने कबूली सच्चाई

युद्ध के मैदान में हथियारों की इस भयंकर बर्बादी का सीधा और तगड़ा असर अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उसके खजाने पर दिखने लगा है। अमेरिकी संसद की 'हाउस एप्रोप्रिएशंस सबकमेटी' की एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान पेंटागन के एक्टिंग कंट्रोलर जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट III ने सांसदों के सामने इस वित्तीय संकट की पुष्टि की।

उन्होंने आधिकारिक तौर पर बताया कि ईरान में चल रहे हमारे सैन्य अभियानों का अनुमानित खर्च उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ते हुए अब 29 अरब डॉलर यानी करीब 2,41,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। उन्होंने सांसदों को समझाया कि बजट में आई इस ऐतिहासिक और नाटकीय बढ़ोतरी की मुख्य वजह युद्ध में तबाह हुए अरबों डॉलर के सैन्य उपकरणों, फाइटर जेट्स और आधुनिक ड्रोनों को अमेरिकी बेड़े में दोबारा शामिल करने या उनकी मरम्मत करने में लग रहा भारी-भरकम खर्च है। इसके बावजूद ईरान अपनी शर्तों से टस से मस नहीं हो रहा है, जिससे अमेरिका इस चक्रव्यूह में बुरी तरह फंसता नजर आ रहा है।

 

 

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