ट्रंप की धमकी लेकर तेहरान पहुंचे आसिम मुनीर की भारी बेइज्जती! ईरानी नेता ने सीधे कहा- 'वापस अपने विमान में बैठो!'

ट्रंप की धमकी लेकर तेहरान पहुंचे आसिम मुनीर की भारी बेइज्जती! ईरानी नेता ने सीधे कहा- 'वापस अपने विमान में बैठो!'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदेशा लेकर तेहरान पहुंचे पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को ईरान में अप्रत्याशित और बेहद रूखे राजनयिक व्यवहार का सामना करना पड़ा है। लेबनानी अखबार 'अल-अखबार' और 'ईरान इंटरनेशनल' के हवाले से सामने आई खबरों के अनुसार, ईरान की नवगठित सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसेन रेज़ाई ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख का स्वागत बेहद बेरुखी से किया और बातचीत के दौरान कथित तौर पर उन्हें 'वापस अपने विमान में लौट जाने' तक की हिदायत दे डाली। दोनों शीर्ष अधिकारियों की मुलाकात के जो विजुअल्स सामने आए हैं, उनमें पारंपरिक राजनयिक गर्मजोशी, लंबे समय तक हाथ मिलाने या गले मिलने जैसी औपचारिकताएं पूरी तरह गायब दिखीं। पूरे संवाद के दौरान मोहसेन रेज़ाई का रुख सख्त और बेहद संयमित नजर आया, जबकि जनरल मुनीर का हाव-भाव असहज दिखा।

इस तल्ख मुलाकात की मुख्य वजह वॉशिंगटन की वह कथित 'अंतिम चेतावनी' थी, जिसे लेकर पाकिस्तानी सेना प्रमुख तेहरान पहुंचे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुनीर ने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी कि तेहरान को अपने पूरे परमाणु कार्यक्रम को तुरंत छोड़ना होगा और बातचीत की मेज पर लचीलापन दिखाना होगा। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी संदेश दिया कि अगर अमेरिका की शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान के रणनीतिक परमाणु ठिकानों पर व्यापक सैन्य हमले किए जा सकते हैं, जिसमें उसकी बेहद संवेदनशील 'पिकएक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) साइट भी शामिल है।

ईरानी सुरक्षा परिषद प्रमुख मोहसेन रेज़ाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस सख्त अल्टीमेटम को सिरे से खारिज करते हुए दो टूक जवाब दिया। रेज़ाई ने स्पष्ट लहजे में कहा कि ईरान की धरती से संवर्धित परमाणु सामग्री का एक कण भी बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जब तक वॉशिंगटन तेहरान की ओर से रखी गई सभी 7 बुनियादी शर्तों को पूरा कर विश्वास बहाली का माहौल नहीं बनाता, तब तक किसी भी तरह की बातचीत का सवाल ही पैदा नहीं होता।

जनरल असीम मुनीर ने इस दौरे के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ़ के साथ भी उच्च स्तरीय चर्चा की। हालांकि, संसद अध्यक्ष ग़ालिबाफ़ ने भी इस दबाव की राजनीति को खारिज करते हुए मुनीर से सीधे शब्दों में कह दिया कि इस मसले पर ईरान के पास कहने के लिए कुछ भी नया नहीं है। ईरानी नेतृत्व के इस सख्त और अडिग रुख ने यह साफ कर दिया है कि तेहरान किसी भी तीसरे देश के जरिए आने वाले पश्चिमी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है।