नेपाल की राजनीति में बड़ा भूचाल: बागमती प्रदेश सरकार संकट में, CPN-UML के सभी 6 मंत्रियों का सामूहिक इस्तीफा
नेपाल के बागमती प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। केंद्र में सत्ता का समीकरण बदलते ही बागमती प्रदेश की इंद्र बहादुर बनियां नीत सरकार को बहुत बड़ा झटका लगा है।
गठबंधन सहयोगी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल (CPN-UML) के सभी छह मंत्रियों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
काठमांडू से लौटते ही सौंपा इस्तीफा: ये 6 मंत्री हुए अलग
मिली जानकारी के अनुसार, यूएमएल के सभी छह मंत्री काठमांडू में शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करने के बाद हेटौंडा पहुंचे और सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर अपने इस्तीफे मुख्यमंत्री इंद्र बहादुर बनियां को सौंप दिए। इस्तीफा देने वाले प्रमुख मंत्रियों में शामिल हैं:
- मधुसूदन पौडेल: कृषि एवं पशुपालन मंत्री
- डॉ. दिनेश चन्द्र देवकोटा: भौतिक अवसंरचना विकास मंत्री
- जयराम थापा: उद्योग, पर्यटन, श्रम एवं परिवहन मंत्री
- भरत बहादुर केसी: वन एवं पर्यावरण मंत्री
- किरण थापा: स्वास्थ्य मंत्री
- बिन्दु श्रेष्ठ: उद्योग, वाणिज्य, भूमि एवं प्रशासन मंत्री
यूएमएल ने वापस लिया समर्थन, अल्पमत में आई इंद्र बहादुर सरकार
मंत्रियों के इस्तीफे के साथ ही सीपीएन-यूएमएल ने बागमती प्रदेश सरकार से अपना आधिकारिक समर्थन भी वापस ले लिया है।
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद नेपाली कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री इंद्र बहादुर बनियां के नेतृत्व वाली सरकार प्रांतीय विधानसभा में स्पष्ट रूप से अल्पमत में आ गई है। सरकार गिरने के कगार पर पहुंचने से बागमती में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अनिश्चितता और सरगर्मियां काफी बढ़ गई हैं।
केंद्र के बदलते समीकरणों का असर: अब नई सरकार के गठन की सुगबुगाहट
उल्लेखनीय है कि बागमती प्रदेश में नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल के गठबंधन के तहत सरकार का गठन हुआ था, जिसमें सहमति के आधार पर नेपाली कांग्रेस के इंद्र बहादुर बनियां को मुख्यमंत्री की कमान सौंपी गई थी। हालांकि, नेपाल के केंद्रीय राजनीतिक परिदृश्य में हाल ही में हुए शक्ति-संतुलन के बदलाव का असर अब प्रांतीय स्तर पर खुलकर सामने आ गया है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बागमती प्रदेश में नए राजनीतिक जोड़-तोड़ के साथ नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो सकता है।