सीजफायर टूटा, हमले जारी... फिर अमेरिका क्यों बुला रहा ईरान के राष्ट्रपति को?

सीजफायर टूटा, हमले जारी... फिर अमेरिका क्यों बुला रहा ईरान के राष्ट्रपति को?

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच साल 2026 की शुरुआत से ही जारी सैन्य टकराव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। दोनों देशों के बीच हुए भीषण संघर्ष के बाद घोषित सीजफायर टूटने से पूरे क्षेत्र पर व्यापक युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।

रुक-रुक कर हो रहे हमलों के इस भारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची का अमेरिका दौरा तय हो गया है, जिससे वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

न्यूयॉर्क में UNGA बैठक और वीजा पर ट्रंप प्रशासन का फैसला

ईरानी नेतृत्व के इस अमेरिकी दौरे का मुख्य एजेंडा न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित होने वाला संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का उच्चस्तरीय सत्र है। युद्ध जैसे गंभीर माहौल के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कूटनीतिक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ईरानी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और उनके मुख्य डेलिगेशन को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीजा जारी कर दिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की आधिकारिक पुष्टि

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल होने के लिए ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल और जरूरी सहयोगी स्टाफ को वीजा की मंजूरी दी गई है। रणनीतिक जानकारों का मानना है कि न्यूयॉर्क में होने जा रही यह बहुपक्षीय बैठक दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध और क्षेत्रीय सुरक्षा संकट पर वैश्विक संवाद का एक अहम मंच साबित हो सकती है।