समंदर से 3 देशों को लीलने निकली तबाही, चलीं 300kmph की महाबली हवाएं, पेड़ उखड़े-बिजली गुल, उड़ानें तक रद्द

समंदर से 3 देशों को लीलने निकली तबाही, चलीं 300kmph की महाबली हवाएं, पेड़ उखड़े-बिजली गुल, उड़ानें तक रद्द

प्रकृति का सबसे खौफनाक और विनाशकारी रूप प्रशांत महासागर के क्षितिज पर उभर आया है। समंदर के सीने को चीरते हुए उठे सुपर टाइफून 'चैंपी' ने पूर्व एशिया के तीन प्रमुख देशों—ताइवान, जापान और फिलीपींस—में ऐसी तबाही मचाई है कि पूरे इलाके में हाहाकार मच गया है। लगभग 300 किलोमीटर प्रति घंटे की जानलेवा गति से चलने वाली महाबली तूफानी हवाओं ने तटीय इलाकों में तबाही का नंगा नाच शुरू कर दिया है। गगनचुंबी समुद्री लहरों और मुसलाधार बारिश के बीच सैकड़ों पेड़ ताश के पत्तों की तरह उखड़ गए हैं, सैकड़ों हजार घरों की बिजली गुल हो चुकी है और एयरलाइंस कंपनियों को सुरक्षा कारणों से अपनी हजारों उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। ऐसा लग रहा है मानो समंदर जलप्रलय की मंशा के साथ इन देशों की ओर बढ़ चला है।

300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं तूफानी हवाएं और ताइवान में जनजीवन पूरी तरह ठप

इस सुपर टाइफून का सबसे खौफनाक असर ताइवान पर देखने को मिल रहा है, जहां चक्रवात के केंद्र से निकलीं हवाएं 300 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धरातल से टकरा रही हैं। इस कुदरती आफत के आगे पूरा देश बेबस नजर आ रहा है। ताइवान के करीब 22 काउंटी और शहरों में आपातकालीन निर्णय लेते हुए सभी स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तरों और शेयर बाजार तक को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। तटीय इलाकों में उठ रही कई मीटर ऊंची समुद्री लहरें सड़कों और बस्तियों में पानी भर रही हैं। जगह-जगह बिजली के खंभे और पुराने विशालकाय पेड़ धराशायी हो चुके हैं, जिसके चलते लाखों परिवार पूरी तरह से अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। सरकार ने लोगों को चेतावनी जारी करते हुए अपने घरों के भीतर ही शरण लेने और समुद्र तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

विमान सेवा पूरी तरह ठप, रद्द हुईं हजारों उड़ानें और ठप हुआ यातायात

महातूफान के कारण आसमान में पैदा हुए खतरनाक टर्बुलेंस और शून्य दृश्यता को देखते हुए दुनिया भर के एविएशन सेक्टर में हड़कंप मच गया है। ताइवान, जापान के ओकिनावा और फिलीपींस के उत्तरी द्वीपों के हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 3,000 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या निलंबित कर दिया गया है। जापान एयरलाइंस, ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) और ताइवानी एयरलाइंस ने अपने पूरे शेड्यूल को बदल दिया है, जिससे हजारों यात्री विभिन्न एयरपोर्ट्स पर फंस गए हैं। सिर्फ हवाई यात्रा ही नहीं, बल्कि समंदर में चलने वाली यात्री फेरी सेवाओं और मालवाहक जहाजों के आवागमन पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है ताकि किसी बड़े जहाजी हादसे को रोका जा सके।

जापान और फिलीपींस पर मंडराया बड़ा खतरा, राहत और बचाव कार्य तेज

ताइवान को हिलाकर रख देने के साथ-साथ इस सुपर टाइफून की तबाही की आंच जापान के ओकिनावा द्वीप समूह और फिलीपींस के बातानेस द्वीप तक पहुंच चुकी है। जापान में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कों के धंसने की खौफनाक घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि हजारों घरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो चुकी है। उधर फिलीपींस के तटीय गांवों में समुद्र का खारा पानी घरों में घुस गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीमों, नौसेना और तटरक्षक बल को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इस साल का सबसे विनाशकारी तूफान साबित हो सकता है और इसके गुजरने तक अगले 48 घंटे इन तीनों देशों के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं।