स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर चला सरकार का चाबुक, अब 15 साल से छोटे बच्चे नहीं चला पाएंगे इंस्टा और फेसबुक
डिजिटल दुनिया की लत और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्परिणामों को रोकने के लिए फ्रांस ने एक अभूतपूर्व और कड़ा कदम उठाया है।
फ्रांस की संसद ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले कानून (Social Media Ban Bill) को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है।
इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही फ्रांस 15 साल से कम आयु के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन लगाने वाला यूरोपीय संघ (European Union) का पहला देश बन गया है।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जताया संतोष: 'जनता से किया वादा पूरा किया'
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संसद के इस फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने देश की जनता से किया अपना एक बड़ा वादा पूरा कर दिया है।
अनाडोलू और फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्रों ने स्पष्ट किया कि अब अंतिम निर्णय देश की संवैधानिक परिषद (Constitutional Council) को लेना है, जिसके बाद सरकार इस कानून को पूरे देश में लागू करने की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
शिक्षा मंत्री बोले- 'वास्तविक दुनिया से दूर हो रहे युवा, मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर'
फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ़्रे ने इस फैसले को समय की मांग और एक "बेहद जरूरी कदम" करार दिया है। उन्होंने कहा कि आज के युवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रोजाना कई घंटे गंवा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई में एकाग्रता कम हो रही है, सामाजिक जीवन कमजोर पड़ रहा है और डिप्रेशन व एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाई स्कूलों में मोबाइल फोन पर पहले से ही बैन लागू है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को स्क्रीन के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना है। इस प्रतिबंध का उद्देश्य बच्चों को खेल, कला, संस्कृति और वास्तविक सामाजिक गतिविधियों से दोबारा जोड़ना है।