अंदर बलूच विद्रोहियों का कहर, सीमा पर तालिबानी गोलीबारी; चारों तरफ से घिरा पाकिस्तान, मची भारी खलबली

अंदर बलूच विद्रोहियों का कहर, सीमा पर तालिबानी गोलीबारी; चारों तरफ से घिरा पाकिस्तान, मची भारी खलबली

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। खुजदार जिले में शनिवार शाम अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने एक मार्बल फैक्ट्री पर धावा बोलकर 18 कर्मचारियों का अपहरण कर लिया। स्थानीय मीडिया 'द बलोचिस्तान पोस्ट' के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, यह दुस्साहसिक वारदात खुजदार मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर नाल इलाके में बेसर पहाड़ी के करीब स्थित एक मार्बल फैक्ट्री में हुई।

शनिवार शाम दर्जनों हथियारबंद आतंकी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फैक्ट्री परिसर में जबरन घुसे और वहां काम कर रहे 18 कर्मचारियों को बंधक बनाकर अपने साथ अज्ञात स्थान की ओर ले गए। इतना ही नहीं, जाते समय हमलावर फैक्ट्री परिसर से दो वाहन और एक लोडर भी लूटकर फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा बलों ने अगवा कर्मियों की तलाश में तलाशी अभियान शुरू किया है।

उधर, आंतरिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की सीमा पर भी तनाव चरम पर पहुंच गया है। डूरंड रेखा के पास खैबर पख्तूनख्वा के अपर कुर्रम में पाकिस्तानी सेना और अफगान तालिबान बलों के बीच भीषण मुठभेड़ देखने को मिली। 'द न्यूज' की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगान तालिबान की ओर से तैदा सेक्टर और घोजगढ़ी सीमावर्ती इलाकों में बिना किसी उकसावे के भारी गोलीबारी शुरू की गई थी। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने आक्रामक जवाबी कार्रवाई करते हुए अफगान तालिबान की रणनीतिक 'टॉपसर पोस्ट' और 'शिपोला बेस कैंप' को तोपखाने व भारी हथियारों से निशाना बनाया। इस भीषण जवाबी हमले में अफगान तालिबान के कई लड़ाके मारे गए और उनका शिपोला स्थित अहम बेस कैंप पूरी तरह तबाह हो गया।

सूचना मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच सीमा पर हालात लंबे समय से बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर संदिग्ध आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) किए थे। हालांकि, इस्लामाबाद और काबुल के बीच राजनयिक स्तर पर कई दौर की वार्ताएं आयोजित की जा चुकी हैं, लेकिन सीमा सुरक्षा, आतंकियों की पनाहगाहों और सीमा पार से होने वाले हमलों को लेकर उपजे गंभीर मतभेद अब तक नहीं सुलझ सके हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में लगातार युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।