सऊदी अरब में कितने हिंदू और गैर-मुस्लिम, मिसाइल हमले के बाद सामने आए वो आंकड़े जो कोई नहीं जानता
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस वक्त हड़कंप मच गया जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमला कर दिया। संडे को हुए इस अचानक हमले से एयरपोर्ट के टर्मिनल 4 पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुए इस हमले ने वहां रह रहे लाखों विदेशी कामगारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
जनसांख्यिकीय दृष्टि से सऊदी अरब एक प्रमुख इस्लामिक मुल्क है, जहां की कुल आबादी में करीब 3.15 करोड़ से 3.49 करोड़ मुस्लिम नागरिक शामिल हैं, जो कुल जनसंख्या का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा हैं। इन मुस्लिम निवासियों में सुन्नी समुदाय का अनुपात 75 से 85 प्रतिशत के आसपास है, जबकि शिया समुदाय की हिस्सेदारी 10 से 15 प्रतिशत आंकी जाती है।
सऊदी में कितने गैर मुस्लिम
वहीं, गैर-मुस्लिम आबादी में मुख्य रूप से विदेशी कामगार शामिल हैं। हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या लगभग 3.03 लाख से 7.08 लाख के बीच अनुमानित है, जो अधिकांशतः भारत और नेपाल जैसे दक्षिण एशियाई देशों से रोजगार के सिलसिले में वहां पहुंचे हैं।
सऊदी अरब के जॉब मार्केट और वर्कफोर्स में मुस्लिम समुदाय की संख्या सबसे अधिक है, क्योंकि कुल आबादी का 93 प्रतिशत हिस्सा मुस्लिम है और पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया व भारत से आने वाले श्रमिकों में भी एक बड़ा हिस्सा इसी समुदाय से आता है। इसके बावजूद, भारतीय प्रवासियों में हिंदू समुदाय के कुशल पेशेवर और निर्माण श्रमिक भी बहुत बड़ी तादाद में वहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। भारत से सऊदी अरब गए कुल नागरिकों का आंकड़ा 27 लाख के पार पहुंच चुका है, जो वहां मौजूद सबसे बड़े विदेशी प्रवासियों के समूहों में से एक है।