अमेरिका के पलटवार से दहल उठा ईरान; 38 लाशें, 400 घायल और पूरे देश में मंडराया 'ब्लैकआउट' का खतरा

अमेरिका के पलटवार से दहल उठा ईरान; 38 लाशें, 400 घायल और पूरे देश में मंडराया 'ब्लैकआउट' का खतरा

मिडिल ईस्ट (Middle East) से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान ने शुक्रवार को दावा किया है कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सेना (US Army in Jordan) के कई ईंधन भरने वाले (Refueling) विमानों और लड़ाकू विमानों को बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ईरानी सेना के मुताबिक, बेस पर खड़े कई अन्य लड़ाकू जहाजों को भी इस हमले में भारी नुकसान पहुँचा है।

कैंसर अस्पताल पर अमेरिकी हमले का प्रतिशोध!

ईरान की ओर से यह भीषण जवाबी कार्रवाई अमेरिका द्वारा रात भर किए गए उन हवाई हमलों के बाद आई है, जिसमें कथित तौर पर खुज़ेस्तान प्रांत के अल्वाज़ में बच्चों के एक कैंसर अस्पताल को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया था। इस अस्पताल पर हुए हमले के बाद से ही ईरान में भारी आक्रोश था, जिसके जवाब में आईआरजीसी (IRGC) ने यह कदम उठाया।

IRGC की जॉर्डन के नागरिकों से खास अपील

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर जॉर्डन के नागरिकों से सीधे तौर पर अपने देश में मौजूद "आक्रामक और इस्लाम विरोधी अमेरिकियों के हितों को निशाना बनाने" का आह्वान किया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने फिलहाल इन ईरानी दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

कुवैत, बहरीन और कतर भी ईरान के निशाने पर

बीती 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने इस पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को चौतरफा निशाना बनाया है, जिसकी कई खाड़ी देशों ने कड़ी निंदा की है। ईरान का मुख्य फोकस कुवैत, बहरीन और कतर में स्थित अमेरिकी अड्डों पर रहा है, और इन तीनों ही देशों ने अपने यहां ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों की पुष्टि की है। इसके अलावा सीरिया में भी एक अमेरिकी बेस पर हमला किया गया है, जिसकी वाशिंगटन या सीरियाई सरकार ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कड़ा पलटवार

ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिका ने भी साफ किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह निष्क्रिय करना है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा:

"कमांडर इन चीफ के निर्देश पर, CENTCOM ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर कर रहा है। वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान जिम्मेदार है। हमारे 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट में पूरी तरह सतर्क, घातक और किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं।"

ईरान में भारी तबाही, ब्लैकआउट का खतरा

ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार तक अमेरिकी हमलों में देश के भीतर 38 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के बिजली स्टेशनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद ईरानी सरकार ने नागरिकों से बिजली बचाने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेशनल ग्रिड पर दबाव कम करने के लिए नागरिकों को सबसे ज्यादा मांग वाले घंटों में कम से कम एक घंटे के लिए एयर कंडीशनर (AC) बंद रखने की सलाह दी गई है।

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