होर्मुज में एक सप्ताह में कितने जहाजों पर हुए हमले, सामने आई ताजा रिपोर्ट
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति की सबसे संवेदनशील जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। रविवार से लेकर अब तक इस समुद्री मार्ग और इसके आसपास के इलाकों में कम से कम 10 व्यापारिक जहाजों पर जानलेवा हमले दर्ज किए गए हैं। इसी उथल-पुथल के बीच ओमान सागर में एक विशाल तेल सुपरटैंकर में भीषण आग लगने की पुष्टि हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा बाजार में खलबली मच गई है।
अल जजीरा के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी नौसेना ने ओमान सागर में एक तेल टैंकर में आग लगने की घटना की पुष्टि की है। इससे पहले, शनिवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुलासा किया था कि समुद्री नियमों की अनदेखी कर 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जा रहा एक सुपरटैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग (नेवल माइन) से टकरा गया। धमाका इतना जोरदार था कि टैंकर आग के शोलों में घिर गया। आईआरजीसी का दावा है कि इस तेल टैंकर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सभी ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखे थे और यह अमेरिकी समर्थन के साथ अवैध रूप से इस संकरे समुद्री गलियारे को पार करने की फिराक में था। हालांकि, जारी आधिकारिक बयान में घटना के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।
एक हफ्ते में कितने जहाजों के बनाया गया निशाना, जानें
ब्रिटेन की समुद्री निगरानी संस्था यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के ताजा आंकड़े समुद्री सुरक्षा की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं। यूकेएमटीओ के अनुसार, पिछले रविवार से अब तक इस रणनीतिक जलमार्ग के आसपास 10 पोतों को निशाना बनाया जा चुका है, जो फरवरी में संघर्ष भड़कने के बाद से एक हफ्ते में दर्ज की गई सबसे बड़ी संख्या है। एजेंसी ने रेखांकित किया कि चालू महीने की शुरुआत से अब तक कुल 23 हमले सामने आ चुके हैं, जो सामान्य औसत से लगभग दोगुने हैं।
ब्रिटिश समुद्री एजेंसी ने यह भी जानकारी दी कि सऊदी अरब के समुद्री तट के करीब भी एक जहाज को निशाना बनाया गया। पोत के कैप्टन से मिली जानकारी के अनुसार, एक संदिग्ध छोटी नाव पर सवार अज्ञात हमलावरों ने जहाज पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से सीधा प्रहार किया। इस हमले में जहाज के पिछले हिस्से को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन गनीमत रही कि चालक दल के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। दुनिया के कुल समुद्री कच्चे तेल के बड़े हिस्से के निकास वाले इस जलमार्ग पर बढ़ते हमलों ने वैश्विक तेल संकट की आशंका को गहरा कर दिया है।