LeT New Terror Module: स्विमिंग पूल से लेकर AI लैब तक... भारत के खिलाफ लश्कर का नया और खतरनाक 'हाइब्रिड' साजिश प्लान बेनकाब!
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे कुछ बेहद चौंकाने वाले और नए इनपुट ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) अब भारत के खिलाफ पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर बेहद आधुनिक और तकनीकी रूप से घातक 'हाइब्रिड' मॉडल पर काम कर रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हासिल किए गए नए वीडियो और खुफिया जानकारियों से खुलासा हुआ है कि लश्कर के आतंकी अब पाकिस्तान के मंगला डैम और खास तौर पर बनाए गए पूलों में मैरीटाइम (पानी के रास्ते) घुसपैठ की ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसके साथ ही, वे भारतीय सीमाओं और साइबर स्पेस में सेंध लगाने के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक टेक लैब का भी सहारा ले रहे हैं।
पानी के रास्ते 26/11 जैसी हिमाकत की तैयारी?
सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा के वांटेड कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक की देखरेख में आतंकियों को बेहद कठिन वॉटर-कॉम्बैट और स्विमिंग ड्रिल करते देखा गया है।
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मंगला डैम बना नया ठिकाना: यह ट्रेनिंग पाकिस्तान के मंगला डैम (Mangla Dam) और उसके आसपास के जलाशयों में दी जा रही है। बता दें कि यह वही इलाका है जिसका इस्तेमाल साल 2008 के मुंबई हमलों (26/11) के आतंकियों को पानी के रास्ते घुसपैठ सिखाने के लिए किया गया था।
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समुद्री सीमाओं पर खतरा: सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेनिंग का सीधा मकसद भारत की तटीय और समुद्री सीमाओं के जरिए आतंकियों को चुपके से भारतीय क्षेत्र में दाखिल कराना है। इसके लिए वे आधुनिक डिंगी (नावों) और स्कूबा गियर का भी इस्तेमाल सीख रहे हैं।
बंदूक के साथ अब 'एल्गोरिदम' का इस्तेमाल: लश्कर की AI लैब
इस नए खुलासे में सबसे डराने वाली बात यह है कि लश्कर-ए-तैयबा ने अपने कैडर्स को टेक-सैवी (तकनीकी रूप से मजबूत) बनाने के लिए खास AI और साइबर लैब स्थापित की हैं।
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प्रोपेगैंडा और डीपफेक: इस लैब के जरिए आतंकी संगठन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर डीपफेक वीडियो, भड़काऊ डिजिटल प्रोपेगैंडा और भारत विरोधी फेक नैरेटिव सोशल मीडिया पर फैलाने की साजिश रच रहा है।
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साइबर हमले और कोडिंग: खुफिया सूत्रों के अनुसार, आतंकियों को बुनियादी कोडिंग, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन (सुरक्षित बातचीत के तरीके) और भारतीय महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के लिए साइबर हमलों की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट
लश्कर-ए-तैयबा के इस नए और हाइब्रिड वॉरफेयर (Hybrid Warfare) के खुलासे के बाद भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसियां (CERT-In) पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। तटीय राज्यों की समुद्री सीमाओं पर गश्त और रडार सर्विलांस को कई गुना बढ़ा दिया गया है। साथ ही, खुफिया एजेंसियां डार्क वेब और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं ताकि इस डिजिटल और फिजिकल दोहरे खतरे को समय रहते नेस्तनाबूद किया जा सके।