पाकिस्तान-अफगानिस्तान में छिड़ा महासंग्राम! सीमा पार 10 ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक, ड्रोन्स से दहला बॉर्डर

पाकिस्तान-अफगानिस्तान में छिड़ा महासंग्राम! सीमा पार 10 ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक, ड्रोन्स से दहला बॉर्डर

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है। पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान के अंदर 10 ठिकानों पर सटीक हवाई और ड्रोन हमले किए।

पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इन ठिकानों का इस्तेमाल पिछले दिन पाकिस्तान पर ड्रोन हमले करने और उन्हें छिपाने के लिए किया जा रहा था। दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच शुरू हुई इस सीधी सैन्य भिड़ंत से पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और क्षेत्रीय शांति की कोशिशों को गहरा झटका लगा है।

ड्रोन हमलों के जवाब में 10 ठिकानों पर सटीक निशाना

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के संप्रभु अधिकार के तहत की गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, अफगान तालिबान बलों ने इससे पहले 8 ड्रोन दागे थे और पाकिस्तानी चौकियों पर भारी मोर्टार व तोपों से गोलाबारी की थी। यह तनाव तब भड़का जब पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार से आतंकवादियों की एक बड़ी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। तरार ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की यह सैन्य कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित, सटीक और आनुपातिक थी, जो केवल उन सैन्य ठिकानों तक सीमित थी जहां से पाकिस्तान पर हमले रचे जा रहे थे।

तालिबान को सीधी चेतावनी: संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने अफगान तालिबान प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि धमकियों या जिम्मेदारी से मुकरने से जमीनी सच्चाई नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि चाहे हमले आतंकी संगठन करें या फिर अफगान तालिबान सेना, अपनी धरती और नागरिकों की रक्षा के लिए पाकिस्तान तत्काल और निर्णायक जवाब देगा। पाकिस्तान ने अफगान सीमा से हुए ड्रोन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताते हुए काबुल से मांग की है कि वह अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी गुटों पर ठोस, प्रभावी और सत्यापन योग्य कार्रवाई करे।

कुनार और पक्तिका हमलों के बाद भड़का था अफगानिस्तान

यह ताजा सैन्य टकराव अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में हाल ही में हुए पाकिस्तानी हमलों के ठीक बाद सामने आया है। उन हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे। उस घटना के बाद अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी सेना पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की थी। मुजाहिद ने पाकिस्तान पर अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं को छिपाने का आरोप लगाते हुए संकल्प दोहराया था कि अफगान सेना इस आक्रामकता का "उचित जवाब" जरूर देगी।

टीटीपी और कोहाट हमले के बाद से बढ़ा सीमा तनाव

इस्लामाबाद और काबुल के बीच खटास की सबसे बड़ी वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) है। पाकिस्तान का लंबे समय से आरोप है कि टीटीपी आतंकी अफगान धरती पर सुरक्षित पनाहगाहों, हथियारों और ट्रेनिंग का इस्तेमाल कर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में खूनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट स्थित पुरानी पुलिस लाइंस पर हुए भीषण आतंकी हमले में 23 लोग मारे गए थे और करीब 100 लोग घायल हुए थे, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी ऑपरेशन में आठ आतंकियों को मार गिराया था। इसी घटनाक्रम के बाद से दोनों मुल्कों के बीच सीमा पर हालात युद्ध जैसे बन चुके हैं।