कुदरत का महाविनाश! ब्राजील-यमन में सैलाब का सितम, इटली और कोसोवो में खौफनाक तूफान
धरती पर मौसम का मिजाज इस कदर बिगड़ चुका है कि अब इंसानी बस्तियां तिनके की तरह बह रही हैं। दुनिया के कई देशों से एक साथ आई प्राकृतिक आपदाओं की तस्वीरों ने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां ब्राजील और यमन जैसे देश इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यूरोप के इटली और कोसोवो में आए चक्रवाती तूफान ने तबाही की नई इबारत लिख दी है। ऐसा लग रहा है मानो मौसम का क्रोध किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है।
ब्राजील और यमन में जलप्रलय: समंदर बने शहर
दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया है। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर शहरों में दाखिल हो चुका है, जिससे हजारों घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं। वहीं, मिडिल ईस्ट के यमन में भी हालात बदतर हैं। रेगिस्तानी इलाकों वाले यमन में इस कदर पानी बरसा है कि वहां अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) ने सब कुछ लील लिया है। दोनों देशों में लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और प्रशासन बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में जुटा है।
इटली और कोसोवो में चक्रवात: आसमान से बरसी तबाही
मौसम की मार सिर्फ पानी तक सीमित नहीं है। यूरोप के खूबसूरत देश इटली और उसके पड़ोसी क्षेत्र कोसोवो में कुदरत ने तूफान के रूप में दस्तक दी है। इटली के कई हिस्सों में इतनी तेज हवाएं और चक्रवात चले हैं कि सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे पूरा जनजीवन ठप हो गया है। कोसोवो में भी तूफान के साथ भारी ओलावृष्टि ने फसलों और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। आसमान में छाए काले बादलों और चक्रवाती हवाओं ने लोगों के दिलों में दहशत पैदा कर दी है।
ग्लोबल वार्मिंग का अलार्म: बेकाबू हुआ क्लाइमेट चेंज
मौसम वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि दुनिया भर में एक साथ दिख रहा यह विनाशकारी रूप ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज का सीधा नतीजा है। धरती का तापमान बढ़ने से मानसूनी चक्र पूरी तरह बिगड़ चुका है, जिससे कहीं सूखा तो कहीं अत्यधिक बारिश और तूफान जैसी चरम स्थितियां (Extreme Weather Events) पैदा हो रही हैं। दुनिया के विकसित देशों से लेकर विकासशील देशों तक, मौसम का यह गुस्सा आज वैश्विक चिंता का सबसे बड़ा विषय बन चुका है।