ईरान से बॉर्डर बंद कर अकड़ दिखा रहा था पाकिस्तान, हफ्तेभर में उतर गया सारा भौकाल, अब खुद खोला रास्ता

ईरान से बॉर्डर बंद कर अकड़ दिखा रहा था पाकिस्तान, हफ्तेभर में उतर गया सारा भौकाल, अब खुद खोला रास्ता

पश्चिम और दक्षिण एशिया की सीमा पर पिछले कुछ दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार पाकिस्तान के सरेंडर के साथ खत्म हो गया है। ईरान के साथ तनातनी के बीच अपनी झूठी अकड़ दिखाने के चक्कर में पाकिस्तान ने जो ताफ्तान और चागी सीमा पूरी तरह से सील की थी, उसका खामियाजा खुद उसकी ही जनता और व्यापारियों को भुगतना पड़ा। महज एक हफ्ते के भीतर ही सीमावर्ती इलाकों में भुखमरी, महंगाई और ईंधन का हाहाकार मच गया, जिसके चलते शहबाज शरीफ सरकार का सारा भौकाल धरा का धरा रह गया। बिना किसी बड़ी कूटनीतिक शर्त के इस्लामाबाद को रातों-रात बैकफुट पर आते हुए सीमा को दोबारा खोलने का फैसला लेना पड़ा।

पाकिस्तान की बचकानी सीमा बंदी और बलूचिस्तान में मचा हाहाकार

ईरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा विवादों के बीच पाकिस्तान ने बिना सोचे-समझे सीमा बंद करने की बड़ी गलती कर दी थी। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सीमावर्ती जिले पूरी तरह से ईरान से आने वाले सस्ते एलपीजी, डीजल, खाद्य तेल और रोजमर्रा की चीजों पर निर्भर हैं। सीमा बंद होते ही ताफ्तान, चागी और पासनी जैसे इलाकों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो गई और बाजार में जरूरी सामानों के दाम आसमान छूने लगे। पाकिस्तान को लगा था कि इस कदम से ईरान पर आर्थिक दबाव बनेगा, लेकिन उल्टा उसका अपना ही बलूचिस्तान इलाका भारी आर्थिक संकट और भुखमरी के कगार पर पहुंच गया।

हफ्तेभर के भीतर झुकी पाकिस्तानी हुकूमत और रातों-रात खुला रास्ता

बलूचिस्तान के व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और परिवहन संघों के बढ़ते दबाव ने पाकिस्तान सरकार के होश उड़ा दिए। सीमा पार फंसे सैकड़ों मालवाहक ट्रकों और खराब होते सामान को देखकर प्रांतीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पाकिस्तान को अहसास हो गया कि ईरान से दूरी बनाना उसकी अपनी चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए सुसाइडल साबित हो रहा है। आखिरकार, हफ्तेभर के भीतर ही इस्लामाबाद के हुक्मरानों को अपनी गलती का अहसास हुआ और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आपात बैठक बुलाकर ईरान बॉर्डर को फिर से सामान्य आवाजाही और व्यापार के लिए खोलने के आदेश जारी कर दिए।

ईरान की मजबूती के आगे बेबस हुआ इस्लामाबाद, व्यापार बहाल

ईरान ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति और संयम का परिचय दिया, क्योंकि उसे मालूम था कि पाकिस्तान ईंधन और खाद्य आपूर्ति के मामले में उस पर कितना निर्भर है। सीमा दोबारा खुलते ही ताफ्तान बॉर्डर पर दोनों ओर खड़े दर्जनों ट्रकों की आवाजाही फिर से शुरू हो चुकी है। इस घटना से यह साफ जाहिर होता है कि केवल कागजी अकड़ और बयानबाजी से सीमाएं नहीं चलाई जा सकतीं। पाकिस्तान के इस यू-टर्न ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी कूटनीतिक कमजोरी को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।