पुतिन ने यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर बिछाईं लाशें, सबूत दिखाकर चीख पड़े जेलेंस्की

पुतिन ने यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर बिछाईं लाशें, सबूत दिखाकर चीख पड़े जेलेंस्की

रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण और विनाशकारी युद्ध ने एक बार फिर से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। पूर्वी यूक्रेन के एक व्यस्त और भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन पर रूसी सेना द्वारा किए गए मिसाइल हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। जिस समय यह हमला हुआ, उस समय रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों आम नागरिक, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित स्थानों की ओर भागने के लिए ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए इस शक्तिशाली मिसाइल धमाके के बाद रेलवे प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते चारों तरफ इंसानी लाशों के ढेर बिछ गए। इस भीषण नरसंहार के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का गुस्सा और दर्द पूरी दुनिया के सामने आ गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने हमले की भयावह तस्वीरें और वीडियो साक्ष्य के रूप में पेश करते हुए जेलेंस्की भावुक होकर चीख पड़े। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर सीधे तौर पर युद्ध अपराध (War Crimes) और मासूम नागरिकों के जनसंहार का आरोप लगाते हुए दुनिया से रूस को आतंकवादी देश घोषित करने की पुरजोर मांग की है।

रेलवे स्टेशन पर हमले का भयानक मंजर और तबाही की आंखों देखी दास्तान

पूर्वी यूक्रेन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन पर हुआ यह हमला इस युद्ध के सबसे काले दिनों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, रूसी मिसाइलें सीधे स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग और उस प्लेटफॉर्म पर जाकर गिरीं जहां नागरिक सुरक्षित निकासी (Evacuation) के लिए कतारबद्ध खड़े थे। धमाका इतना जबरदस्त था कि रेलवे ट्रैक के चिथड़े उड़ गए और खड़ी ट्रेनों की बोगियां आग के गोलों में तब्दील हो गईं। इस हमले में दर्जनों लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए और अपने हाथ-पैर गंवा बैठे। राहत और बचाव दल जब मौके पर पहुंचे तो प्लेटफॉर्म का नजारा किसी खौफनाक यातना गृह जैसा दिख रहा था, जहां चारों ओर मासूमों का खून बिखरा पड़ा था और लाचार परिजन अपने अपनों के शवों को ढूंढने के लिए मलबे के बीच रो-बिलख रहे थे।

संयुक्त राष्ट्र संघ में चीखे जेलेंस्की: पुतिन के खिलाफ प्रस्तुत किए दिल दहला देने वाले सबूत

इस जघन्य हमले के तुरंत बाद राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संयुक्त राष्ट्र और विश्व शक्तियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान जेलेंस्की बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर बिखरी लाशों, जले हुए बच्चों के खिलौनों और खून से सने बैगों की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें स्क्रीन पर दिखाते हुए कहा कि पुतिन की सेना जानबूझकर असैनिक ठिकानों और बेकसूर नागरिकों को निशाना बना रही है। जेलेंस्की ने कांपती आवाज और तल्ख तेवरों में कहा कि यह कोई सैन्य ऑपरेशन नहीं बल्कि निहत्थे इंसानों का सीधा कत्लेआम है। उन्होंने वैश्विक नेताओं को ललकारते हुए सवाल किया कि आखिर दुनिया कब तक रूस की इस हैवानियत को मूकदर्शक बनकर देखती रहेगी और कब व्लादिमीर पुतिन को इन खूनी अपराधों की सजा मिलेगी।

क्रेमलिन का इनकार और यूक्रेन का पलटवार: दावों और प्रति-दावों के बीच फंसा सच

हमले के बाद सामने आए वैश्विक आक्रोश को देखते हुए रूस के रक्षा मंत्रालय और क्रेमलिन के प्रवक्ताओं ने हमेशा की तरह इस हमले में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। मॉस्को का दावा है कि रूसी सेना केवल यूक्रेन के सैन्य बुनियादी ढांचों और हथियारों के गोदामों को ही निशाना बनाती है और रेलवे स्टेशन पर हुआ यह हमला यूक्रेन का खुद का प्रोपेगैंडा या उसकी अपनी ही एयर डिफेंस मिसाइल का मिसफायर हो सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, स्वतंत्र युद्ध विश्लेषकों और उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों ने रूस के इस दावे की पोल खोलकर रख दी है। मिसाइल के अवशेषों की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह वही सोवियत-युग या आधुनिक प्रिसिजन मिसाइल थी जिसका इस्तेमाल रूसी सेना लगातार यूक्रेनी शहरों को तबाह करने के लिए कर रही है।

वैश्विक बिरादरी में उबाल: अमेरिका और यूरोपीय देशों ने दिए और कड़े प्रतिबंधों के संकेत

रेलवे स्टेशन पर हुए इस अमानवीय नरसंहार के बाद पश्चिमी देशों और नाटो (NATO) सहयोगियों में भारी रोष देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और मानवता पर हमला करार दिया है। जी-7 देशों और यूरोपीय यूनियन ने रूस पर नए और कड़े आर्थिक व कूटनीतिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा करने का संकेत दिया है। इसके साथ ही यूक्रेन को अपनी सीमाओं और आसमान की सुरक्षा के लिए और अधिक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम जैसे पैट्रियट (Patriot Missile System) और लंबी दूरी की मिसाइलें प्रदान करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, ताकि भविष्य में रूसी मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त किया जा सके।

युद्ध के खौफनाक भविष्य पर उठे सवाल और शांति वार्ता की संभावनाएं पूरी तरह ध्वस्त

इस ताजा और भीषण मिसाइल हमले ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रही किसी भी संभावित शांति वार्ता या युद्धविराम (Ceasefire) की गुंजाइश को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। जेलेंस्की प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक रूसी सेना यूक्रेनी भूभाग से पूरी तरह पीछे नहीं हटती और पुतिन को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के कठघरे में नहीं लाया जाता, तब तक कोई समझौता संभव नहीं है। लगातार बढ़ते इस तनाव ने तीसरे विश्व युद्ध और परमाणु खतरे की आशंकाओं को एक बार फिर से बढ़ा दिया है। आज पूरा विश्व यह देखने के लिए विवश है कि कैसे सत्ता और भू-राजनीतिक वर्चस्व की इस जंग में आम और निर्दोष इंसानों की बलि चढ़ाई जा रही है।