प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाने की हिमाकत पड़ी भारी, अब मजबूरी में शेयर करनी पड़ी पूरी फोटो

प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाने की हिमाकत पड़ी भारी, अब मजबूरी में शेयर करनी पड़ी पूरी फोटो

सोशल मीडिया की दुनिया में कई बार चालाकी और नफरत फैलाने की कोशिशें उल्टी पड़ जाती हैं, और पड़ोसी देश पाकिस्तान के आधिकारिक तंत्र के साथ हाल ही में कुछ ऐसा ही वाकया पेश आया है, जिसने पूरी दुनिया में उसकी जमकर किरकिरी करा दी है। कूटनीतिक मंचों और सोशल मीडिया पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बढ़ते वैश्विक कद से घबराकर पाकिस्तानी सरकार के एक आधिकारिक हैंडल से हाल ही में एक ऐसी हरकत की गई, जिसने उनकी छोटी मानसिकता को जगजाहिर कर दिया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों या बैठकों की साझा तस्वीरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो को चालाकी से क्रॉप करके हटाने की बचकानी कोशिश पाकिस्तान द्वारा की गई थी। हालांकि, जैसे ही यह ओछी हरकत सोशल मीडिया यूजर्स और वैश्विक विश्लेषकों की नजरों में आई, इंटरनेट पर पाकिस्तान की जमकर लताड़ लगाई जाने लगी। नेटिज़न्स और अंतरराष्ट्रीय जानकारों ने इस हरकत को लेकर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और जमकर ट्रोल किया, जिसके बाद आखिरकार पाकिस्तान को अपनी इस बचकानी हरकत से पीछे हटना पड़ा और शर्मिंदगी के बीच पूरी तस्वीर दोबारा शेयर करनी पड़ी।

कूटनीतिक कुंठा और तस्वीरों से छेड़छाड़ करने की पुरानी आदत

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में शिष्टाचार और गरिमा का एक विशेष स्थान होता है, लेकिन पाकिस्तान अक्सर अपनी राजनीतिक और कूटनीतिक कुंठा के चलते ऐसी हरकतों को अंजाम दे बैठता है जो हंसी का पात्र बन जाती हैं। वैश्विक बैठकों के दौरान जब दुनिया के तमाम बड़े नेता एक मंच पर इकट्ठा होते हैं, तो साझा तस्वीरें उस आयोजन की गरिमा को दर्शाती हैं। हाल ही में एक ऐसे ही महत्वपूर्ण मंच की तस्वीर सामने आई थी जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अन्य वैश्विक नेताओं के साथ मौजूद थे। पाकिस्तान के संबंधित सूचना या कूटनीतिक हैंडल से जब यह तस्वीर साझा की गई, तो उसमें से जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी के हिस्से को क्रॉप कर दिया गया ताकि देश की जनता या दुनिया को यह दिखाया जा सके कि उस मंच पर भारत की मौजूदगी नहीं थी। इस तरह की बचकानी और छोटी सोच वाली हरकत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पाकिस्तान अपनी राजनीतिक असुरक्षा और भारत विरोधी मानसिकता से कभी बाहर नहीं निकल पा रहा है।

सोशल मीडिया पर जनता का फूटा गुस्सा और डिजिटल लताड़

जैसे ही पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से यह छेड़छाड़ की गई तस्वीर अपलोड की गई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद सतर्क यूजर्स ने पलक झपकते ही इस फर्जीवाड़े को पकड़ लिया। कुछ ही मिनटों के भीतर मूल तस्वीर और पाकिस्तानी हैंडल से शेयर की गई क्रॉप की गई तस्वीर की तुलना करते हुए स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर वायरल होने लगे। इसके बाद क्या था, दुनिया भर के सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तान की इस घिनौनी और बचकानी हरकत को लेकर उसे बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया। मीम्स, तीखी टिप्पणियों और आलोचनाओं के सैलाब ने पाकिस्तान के उन अधिकारियों को हिलाकर रख दिया जो इस दुष्प्रचार के पीछे थे। लोगों ने यह तंज कसा कि भारत के प्रधानमंत्री के बढ़ते कद और वैश्विक लोकप्रियता से पाकिस्तान के हुक्मरान इतने ज्यादा खौफजाये हुए हैं कि अब वे तस्वीरों को काटकर अपनी मानसिक संतुष्टि हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया पर इस चौतरफा लताड़ और भारी दबाव के आगे आखिरकार पाकिस्तान का आधिकारिक तंत्र पूरी तरह बेबस नजर आया।

फजीहत के बाद झुकना पड़ा पाकिस्तान: शेयर करनी पड़ी असली तस्वीर

जब सोशल मीडिया की इस डिजिटल अदालत में पाकिस्तान की हर तरफ थू-थू होने लगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी कूटनीतिक अपरिपक्वता का मजाक उड़ाया जाने लगा, तब जाकर उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, या यूं कहें कि अपनी फजीहत बचाने का एकमात्र रास्ता नजर आया। आलोचनाओं के भारी दबाव के चलते पाकिस्तानी अधिकारियों को अपने उस पोस्ट को या तो हटाना पड़ा या फिर मजबूरन उस पूरी तस्वीर को दोबारा शेयर करना पड़ा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ तौर पर अन्य नेताओं के साथ नजर आ रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज के डिजिटल युग में किसी भी प्रकार का झूठ, चालाकी या दुष्प्रचार ज्यादा देर तक छिप नहीं सकता है, क्योंकि सतर्क जनता और सोशल मीडिया की पैनी नजरें हर हरकत पर पहरा दे रही हैं। अंततः, इस पूरी घटना से पाकिस्तान की वैश्विक मंच पर एक बार फिर किरकिरी हुई और उसे मुंह की खानी पड़ी, जिससे यह साबित हो गया कि भारत के बढ़ते प्रभाव और सच्चाई को न तो तस्वीरों से काटा जा सकता है और न ही दुनिया की नजरों से छुपाया जा सकता है।