जिसने रिकॉर्ड किया था शेख हसीना के जलील होने का वीडियो, नदी में मिला उस Ex-एयरफोर्स अधिकारी का शव
बांग्लादेश के अशांत और बेहद संवेदनशील राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एक बेहद खौफनाक, रहस्यमयी और सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने पूरे दक्षिण एशिया के राजनयिक और राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट और उनके देश छोड़कर भागने के दौरान उनके अपमानजनक पलों का वीडियो बनाने वाले पूर्व वायु सेना (Ex-Air Force) अधिकारी का शव एक नदी से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। स्थानीय मछुआरों और पुलिस द्वारा शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते यह खबर पूरे बांग्लादेश में आग की तरह फैल गई। जब बांग्लादेश में छात्र आंदोलन अपने चरम पर था और प्रधानमंत्री आवास पर प्रदर्शनकारियों ने धावा बोला था, उस वक्त शेख हसीना के देश छोड़ने और उनके असहाय होने के दृश्यों को इसी पूर्व सैन्य अधिकारी ने अपने कैमरे में कैद कर पूरी दुनिया में वायरल किया था। अब इस अधिकारी की अचानक हत्या या संदिग्ध मौत ने बांग्लादेश की वर्तमान अंतरिम सरकार, सेना और खुफिया तंत्र की भूमिका पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
ढाका के पास नदी में तैरता मिला शव: शरीर पर चोट के निशान और हत्या की गहरी आशंका
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी ढाका के बाहरी इलाके से गुजरने वाली नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरते हुए देखा। घटना की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दी गई, जिसके बाद गोताखोरों और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर शव को पानी से बाहर निकाला। मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों और बाद में परिजनों द्वारा की गई पहचान के बाद यह साफ हुआ कि यह शव बांग्लादेश एयरफोर्स के रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर का ही है। फॉरेंसिक टीम और डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, शव पर गहरे जख्म और चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि उन्हें नदी में फेंकने से पहले बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था और उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी।
कौन थे ये पूर्व एयरफोर्स अधिकारी और शेख हसीना के वीडियो से क्या था उनका सीधा कनेक्शन?
आपको बता दें कि अगस्त महीने में जब बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हिंसक आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया था, तब पीएम आवास से लेकर सैन्य अड्डे तक अफरा-तफरी का माहौल था। उस समय एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे चुके इस पूर्व अधिकारी ने शेख हसीना के आधिकारिक आवास और हेलीपैड के पास मौजूद रहकर वह ऐतिहासिक और चर्चित वीडियो शूट किया था। उस वीडियो में शेख हसीना को भारी सुरक्षा घेरे के बीच बेहद बेबस, परेशान और जलील होते हुए देश छोड़कर भारत की तरफ भागते देखा गया था। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर लाखों-करोड़ों बार देखा गया था और इसने शेख हसीना के पतन के प्रतीक के रूप में दुनिया भर में जगह बनाई थी। वीडियो सामने आने के बाद से ही यह अधिकारी कई कट्टरपंथी समूहों और राजनीतिक गुटों की आंखों में खटक रहा था और उसे लगातार गुमनाम धमकियां मिल रही थीं।
परिजनों ने जताया साजिश का अंदेशा: अगवा करने के बाद की गई बेरहमी से हत्या?
मृतक अधिकारी के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने बांग्लादेशी मीडिया के सामने इस पूरे मामले को एक पूर्वनियोजित राजनीतिक हत्या (Targeted Political Assassination) करार दिया है। परिजनों ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से अचानक अपने घर से लापता थे। उनका फोन स्विच ऑफ आ रहा था और रिश्तेदारों के पास खोजबीन करने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। जब परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले को टालने का प्रयास किया। परिवार का दावा है कि शेख हसीना के उस विवादित वीडियो को लीक करने और तख्तापलट के पीछे की अंदरूनी कड़ियों को जानने के लिए कुछ प्रभावशाली ताकतों ने उन्हें अगवा किया, टॉर्चर किया और पहचान मिटाने की नीयत से शव को नदी में फेंक दिया।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल: राजनीतिक खींचतान तेज
इस घटना के सामने आने के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और स्थानीय कानून-व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। विपक्षी नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में इस समय जंगलराज कायम है और किसी भी नागरिक की जान सुरक्षित नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। हालांकि, देश की जनता का कहना है कि जब तक इस हत्याकांड में शामिल असली साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश नहीं होता, तब तक जांच महज़ एक दिखावा बनकर रह जाएगी।
दक्षिण एशिया में नई भू-राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नजर
बांग्लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद से ही राजनीतिक हिंसा, लक्षित हत्याओं और सेना-पुलिस के बीच अंदरूनी खींचतान की खबरें लगातार आ रही हैं। एक पूर्व सैन्य अधिकारी की इस तरह नदी में लाश मिलना यह साबित करता है कि देश के भीतर गहरे खुफिया मतभेद और पुरानी खुन्नस निकालने का काम जारी है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह सनसनीखेज वाकया केवल बांग्लादेश की अंदरूनी राजनीति ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए एक बेहद गंभीर खतरा बनता जा रहा है, जिसकी गूंज आने वाले दिनों में और तेज सुनाई देगी।