ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वाले को मिलेगा 500 करोड़ का इनाम! ईरान की संसद में पास होने जा रहा है खौफनाक कानून
अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का भीषण टकराव पिछले 80 दिनों से लगातार जारी है। भले ही इस समय दोनों पक्षों के बीच एक बेहद नाजुक और अस्थिर सीजफायर (युद्धविराम) लागू हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध की चिंगारी कभी भी दोबारा भड़क सकती है। इस महातनाव की सबसे बड़ी वजह दोनों ओर से हो रही भड़काऊ और तीखी बयानबाजी है। जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को 'घड़ी की सुई टिक-टिक चलने' जैसी सीधे अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अब एक ऐसा कदम उठाने का फैसला किया है जिससे वाशिंगटन और यरूशलेम दोनों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ईरान अब खुलेआम डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने वाले के लिए एक बहुत बड़े इनाम का आधिकारिक ऐलान करने जा रहा है।
ब्रिटिश अखबार का बड़ा दावा, ईरानी संसद में पेश हुआ 'मौत का इनाम' देने वाला सीक्रेट बिल
ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' की एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद (मजलिस) बहुत जल्द एक ऐसा कानून पारित करने जा रही है जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के सारे नियम-कायदे बदल कर रख देगा। इस नए कानून के तहत डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति या वैश्विक संगठन को 5 करोड़ यूरो यानी भारतीय मुद्रा में करीब 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम दिया जाएगा। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि वे इस समय संसद में ‘इस्लामिक रिपब्लिक के सुरक्षा बलों द्वारा जवाबी कार्रवाई’ के नाम से एक विशेष बिल तैयार कर रहे हैं। इस बिल पर मुहर लगते ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर, ट्रंप और नेतन्याहू को निशाना बनाने वालों को ईरानी सरकारी खजाने से यह इनामी राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
'ट्रंप और नेतन्याहू को जहन्नुम भेजेंगे...' ईरानी सुरक्षा समिति के सदस्य की खुली धमकी
ईरान की इस आक्रामक रणनीति को लेकर सुरक्षा समिति के एक बेहद रसूखदार सदस्य महमूद नबावियन ने अंतरराष्ट्रीय मंचों की परवाह न करते हुए बेहद खुली और सनसनीखेज धमकी दी है। उन्होंने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा, "हमारी संसद बहुत जल्द उस ऐतिहासिक बिल पर अपनी अंतिम मुहर लगाने जा रही है, जो उन जांबाजों को इनाम देगा जो मिस्टर ट्रंप और नेतन्याहू को सीधे जहन्नुम भेजेंगे।" नबावियन ने अमेरिका को चेताते हुए आगे कहा कि अगर ईरान की सीमाओं पर दोबारा किसी भी तरह का सैन्य हमला या हिमाकत की गई, तो इस बार तेहरान का जवाब इतना विनाशकारी और घातक होगा कि पूरी दुनिया से अमेरिका और इजरायल का नामोनिशान और वजूद ही हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ईरान की दशकों पुरानी गुप्त नीति से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब कोई संप्रभु देश बकायदा अपनी संसद में कानून पास करके दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों की हत्या पर सरकारी इनाम घोषित कर रहा है।
सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत का बदला, नए सुप्रीम लीडर का खतरनाक एक्शन
इस अभूतपूर्व और आत्मघाती कदम के पीछे की असल कहानी को समझें तो यह सीधे तौर पर एक बड़े वैश्विक प्रतिशोध से जुड़ी हुई है। गौरतलब है कि इसी साल मार्च महीने में ईरान के ऊपर हुए भीषण अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में ईरान के सबसे ताकतवर और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस विनाशकारी हमले में खामेनेई का लगभग पूरा परिवार पूरी तरह खत्म हो गया था, जिसके बाद पूरे ईरान में मातम और कोहराम मच गया था। इस भयंकर त्रासदी के बाद अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को आनन-फानन में देश का नया 'सुप्रीम लीडर' चुना गया था। गद्दी संभालते ही मोजतबा ने इजरायल और खाड़ी देशों पर हजारों मिसाइलें और घातक आत्मघाती ड्रोंस बरसाकर अपने इरादे साफ कर दिए थे। अब ईरान अपने उस पुराने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला सीधे तौर पर मौत से ही लेना चाहता है और इसी कड़े बदले की आग में झुलसकर यह नया कानून बनाने की तैयारी की जा रही है।