PoK में आसिम मुनीर की सेना का खौफनाक चेहरा: धरना स्थल पर ड्रोन से गिराए RDX बम

PoK में आसिम मुनीर की सेना का खौफनाक चेहरा: धरना स्थल पर ड्रोन से गिराए RDX बम

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अवामी एक्शन कमेटी और स्थानीय जनता के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की बर्बरता अपने चरम पर है। सेना प्रमुख आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार के निर्देश पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अब हदें पार कर दी हैं। ताजा मामला रावलकोट का है, जहाँ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही जनता के बीच पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन के जरिए घातक बम गिराए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

धरना स्थल को दहलाने की साजिश, टला बड़ा हादसा

अवामी एक्शन कमेटी के अनुसार, 28 जून की रात 12 से 1 बजे के बीच रावलकोट के धरना स्थल पर ड्रोन के जरिए RDX युक्त चार बम गिराए गए। राहत की बात यह रही कि इन बमों में लगे टाइमर का पता समय रहते चल गया और अवामी कमेटी के कार्यकर्ताओं ने साहस दिखाते हुए इन्हें निष्क्रिय कर दिया। यदि ये बम फट जाते, तो वहां मौजूद हजारों लोगों की जान जा सकती थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सेना की ओर से सुनियोजित हत्या का प्रयास था।

भूख और गोलियों के बाद अब बमों का सहारा

PoK की जनता पिछले 21 दिनों से बुनियादी अधिकारों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर है। पाकिस्तानी सेना की दमनकारी नीतियों की क्रोनोलॉजी देखिए:

  • इंटरनेट बंदी: बीते 5 जून से पूरे पीओके में इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप है।

  • गोलियों की बौछार: इंटरनेट की आड़ में सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की, जिसमें 58 लोगों की मौत हो गई।

  • खाद्य आपूर्ति ठप: पिछले दो हफ्तों से पूरे क्षेत्र में खाने-पीने की सप्लाई रोक दी गई ताकि भूख से जनता का विद्रोह कुचला जा सके।

  • ड्रोन हमला: इन सब के बावजूद जनता नहीं झुकी, तो अब सेना ने ड्रोन से बम बरसाने जैसा अमानवीय कदम उठाया है।

60 हजार लोग सड़कों पर, सरकार को दी सीधी चुनौती

दमन के बावजूद रावलकोट के ईदगाह मैदान पर 60 हजार से अधिक लोग एकजुट हुए। अवामी एक्शन कमेटी के सरदार लियाकत हयात ने इस्लामाबाद की कठपुतली सरकार को चुनौती देते हुए कहा, "यह लड़ाई आवाम के हक की है और इसमें जीत अंततः जनता की ही होगी।" वहीं, विपक्षी नेताओं महमूद अचकज़ई और शाहिद ख़ान अब्बासी को भी प्रदर्शनकारियों से मिलने जाने के दौरान कहुटा में रोक दिया गया, जिससे स्पष्ट है कि पाकिस्तानी हुकूमत सच्चाई को बाहर आने से रोकना चाहती है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा मुद्दा

PoK में हो रहे इस मानवाधिकार हनन का असर अब वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है। लंदन में ब्रिटिश संसद के बाहर और '10 डाउनिंग स्ट्रीट' तक प्रदर्शन कर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है। PoK में उपजा यह जनआंदोलन अब सिर्फ महंगाई का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह इस्लामाबाद के अनैतिक कब्जे और हस्तक्षेप के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन चुका है।