दुनिया बना रही है Flying ICU, कराची मेयर ने लॉन्च की साइकिल एंबुलेंस; सोशल मीडिया पर जमकर उड़ रहा मजाक
पड़ोसी देश पाकिस्तान अपनी अनोखी और अजीबोगरीब हरकतों के लिए अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहता है। इस बार पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं। एक तरफ जहां दुनिया के विकसित देश मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए फ्लाइंग आईसीयू (Flying ICU) और एयर एंबुलेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं, वहीं कराची के मेयर ने बड़े तामझाम के साथ 'साइकिल एंबुलेंस' (Cycle Ambulance) सेवा की शुरुआत की है। इस फैसले के सामने आते ही इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई है और लोग जमकर मजे ले रहे हैं।
मेयर साहब ने हरी झंडी दिखाकर किया उद्घाटन, वीडियो वायरल
कराची के मेयर मुर्तजा वहाब ने हाल ही में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस नई 'साइकिल एंबुलेंस' सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि एक साधारण सी साइकिल के पीछे एक छोटा सा बॉक्स लगाया गया है, जिसमें कुछ प्राथमिक उपचार (First Aid) का सामान रखा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह कदम कराची की तंग गलियों और भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में मरीजों को तुरंत प्राथमिक उपचार पहुंचाने के लिए उठाया गया है। लेकिन जनता को यह दलील रास नहीं आ रही है।
'हार्ट अटैक आने पर क्या मरीज पैडल मारेगा?' यूजर्स ने उठाए सवाल
जैसे ही इस साइकिल एंबुलेंस की तस्वीरें इंटरनेट पर आईं, सोशल मीडिया यूजर्स ने कराची प्रशासन को आड़े हाथों ले लिया। लोगों का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार या दुर्घटना के शिकार मरीज को इस साइकिल के जरिए अस्पताल कैसे पहुंचाया जाएगा? एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "अगर किसी को हार्ट अटैक आ जाए, तो क्या मरीज खुद पैडल मारकर अस्पताल पहुंचेगा?" वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि पेट्रोल के दाम इतने बढ़ गए हैं कि अब सरकार एंबुलेंस में तेल डलवाने के पैसे भी नहीं जुटा पा रही है।
फ्लाइंग आईसीयू बनाम साइकिल एंबुलेंस: हो रही तीखी तुलना
कराची मेयर के इस कदम की तुलना वैश्विक स्तर पर हो रहे मेडिकल सुधारों से की जा रही है। आज के समय में जब पूरी दुनिया ड्रोन डिलीवरी से दवाइयां भेजने और हवा में ही मरीज को आईसीयू जैसी सुविधाएं देने की तकनीक पर काम कर रही है, तब पाकिस्तान का यह 'बैकवर्ड' आइडिया लोगों को हजम नहीं हो रहा। विशेषज्ञों का भी मानना है कि तंग गलियों के लिए बाइक एंबुलेंस (Bike Ambulance) एक बेहतर और तेज विकल्प हो सकता था, लेकिन साइकिल एंबुलेंस जैसी धीमी सेवा आपातकालीन स्थितियों में किसी भी तरह से व्यावहारिक नहीं लगती।
कराची की बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस मज़ाक और मीम्स के पीछे कराची की जनता का दर्द भी छिपा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कराची जैसे महानगर में सड़कों की हालत खस्ता है, अस्पतालों में वेंटिलेटर और जरूरी दवाइयों की भारी किल्लत है। ऐसे में इन बुनियादी समस्याओं को ठीक करने के बजाय मेयर द्वारा साइकिल एंबुलेंस को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करना हास्यास्पद है। फिलहाल, यह साइकिल एंबुलेंस मरीजों की जान बचा पाए या नहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर यह पाकिस्तान की फजीहत कराने का एक नया जरिया जरूर बन गई है।