ट्रंप का नया फरमान: अमेरिका में भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर छाया संकट, खतरे में आईं लाखों नौकरियां
अमेरिका में रहकर ट्रकिंग (Trucking Industry) के जरिए अपनी आजीविका चलाने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के लोगों के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन के एक नए और कड़े फैसले ने अमेरिकी सड़कों पर दौड़ रहे विदेशी ट्रक ड्राइवरों की रातों की नींद उड़ा दी है। ट्रंप सरकार ने अमेरिका में बिना स्थायी कानूनी दर्जे (Permanent Legal Status) के वाणिज्यिक वाहन (Commercial Trucks) चलाने वाले विदेशी चालकों को हटाने और उनकी जगह अमेरिकी सैन्य दिग्गजों (War Veterans) को तैनात करने की एक बड़ी योजना का प्रस्ताव दिया है।
भारतीय ट्रकिंग समुदाय, खासकर पंजाबियों को बड़ा झटका
अमेरिका के ट्रकिंग सेक्टर में भारतीय प्रवासियों का एक बहुत बड़ा दबदबा है। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन (North American Punjabi Truckers Association) के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय अमेरिका में लगभग 1.30 लाख से 1.50 लाख ट्रक ड्राइवर सीधे तौर पर पंजाब और हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं। ट्रंप के इस नए कदम से इस पूरे समुदाय पर बेरोज़गारी का खतरा मंडराने लगा है। पिछले कुछ समय में गैर-दस्तावेजी प्रवासियों द्वारा किए गए कुछ घातक सड़क हादसों के बाद ट्रंप प्रशासन ने यह बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
'दलीला कानून' और कड़े नियमों से टूटी कमर
ट्रंप प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में 'दलीला कानून' (Dalilah Law) की घोषणा की थी, जिसके तहत गैर-दस्तावेजी प्रवासियों को कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस (CDL) जारी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा परिवहन विभाग (USDOT) और होमलैंड सिक्योरिटी ने मिलकर उन फर्जी ट्रेनिंग स्कूलों और लाइसेंसिंग कमियों (Loopholes) पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिनके जरिए विदेशी नागरिक आसानी से हैवी ट्रक चलाने का लाइसेंस हासिल कर लेते थे।
इंग्लिश न आने वालों को भी किया जा रहा बाहर
ट्रंप के इस कड़े फैसले में केवल इमिग्रेशन स्टेटस ही नहीं, बल्कि भाषा को भी एक बड़ा पैमाना बनाया गया है। फेडरल मोटर कैरियर सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (FMCSA) के नियमों के तहत, जो भी कमर्शियल ड्राइवर अंग्रेजी भाषा की दक्षता परीक्षा (English-Language Proficiency) को पास करने में विफल रहेगा, उसे तुरंत सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि बहुत से विदेशी ड्राइवर सड़कों पर लगे सुरक्षा संकेतों (Signs) को पढ़ नहीं पाते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
अमेरिकी सैनिकों (Veterans) को तुरंत मिलेंगे कमर्शियल लाइसेंस
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक मिलिट्री इनवेस्टमेंट समिट में साफ कहा, "जो लोग अवैध रूप से आए हैं, हम उन्हें नहीं चाहते और उनकी जगह हम गर्वित अमेरिकी दिग्गजों (Veterans) को लाएंगे।" इस नई योजना के तहत, सेना में भारी वाहन चलाने का अनुभव रखने वाले किसी भी अमेरिकी नागरिक को बिना किसी कठिन प्रक्रिया के सीधे कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस (CDL) दे दिया जाएगा। ट्रंप के इस 'अमेरिका फर्स्ट' नीति वाले फैसले ने भारतीय ट्रांसपोर्टर्स और चालकों के सामने आजीविका का एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।