होर्मुज स्ट्रेट के केशम द्वीप पर अमेरिका का सीक्रेट स्ट्राइक, ट्रंप बोले- ईरान से डील करीब

होर्मुज स्ट्रेट के केशम द्वीप पर अमेरिका का सीक्रेट स्ट्राइक, ट्रंप बोले- ईरान से डील करीब

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर 'सीक्रेट' एयरस्ट्राइक की है। केशम इस समुद्री गलियारे का सबसे बड़ा ईरानी द्वीप है। यह हमला हाल के हफ्तों में वाशिंगटन द्वारा तेहरान के खिलाफ चलाए जा रहे नपे-तुले ऑपरेशनों की कड़ी का हिस्सा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह मिलिट्री एक्शन ठीक उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले आठ महीनों से चल रहे इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक बातचीत में सकारात्मक प्रगति का दावा कर रहे हैं।

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, केशम द्वीप पर सिलसिलेवार तरीके से पांच जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि स्थानीय चश्मदीदों ने धमाकों के वक्त इलाके में दो लड़ाकू विमानों की आवाजाही देखने की पुष्टि की है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि इस ऑपरेशन को जानबूझकर बेहद सीमित और लो-प्रोफाइल रखा गया था, ताकि इसे किसी नए बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत के तौर पर न देखा जाए। नाम न छापने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस हमले का प्राथमिक लक्ष्य उन ईरानी ठिकानों को निष्क्रिय करना था, जहां से अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ सरफेस-टू-एयर मिसाइलें तैनात की जा रही थीं। यह सैन्य कार्रवाई अमेरिका के अहम मिडटर्म चुनावों की पूर्व संध्या पर हुई है, जबकि पहले ट्रंप प्रशासन ने चुनावों से पूर्व किसी नए हमले से परहेज करने की बात कही थी।

दूसरी ओर, वाशिंगटन में इस सैन्य कार्रवाई के समानांतर कूटनीतिक हलचल भी तेज है। वाशिंगटन डीसी में लिंकन मेमोरियल के पास पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान अपने संघर्ष विराम प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाना चाहता है और दोनों देशों के बीच समझौता बहुत अच्छी दिशा में बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा कि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई हालिया गिरावट इसी संभावित समझौते की आहट का नतीजा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी उन्होंने लिखा कि ईरान जल्द से जल्द सहमति चाहता है और यह संभव दिख रहा है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्मीद जताते हुए प्रशासन के कूटनीतिक प्रयासों में प्रगति की तस्दीक की है।

इस बीच कूटनीतिक गलियारों में नेतन्याहू के रुख को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। न्यूज एजेंसी एपी की एक रिपोर्ट में क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सप्ताहांत में फोन कॉल के दौरान ट्रंप पर ईरान के खिलाफ और बड़े हमले करने का दबाव बनाया था। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले हफ्ते हुए इजरायली चुनावों में बहुमत हासिल न कर पाने के बाद नेतन्याहू ईरान के साथ बढ़ते टकराव का इस्तेमाल देश में आपातकालीन सरकार बनाने के लिए करना चाहते हैं। हालांकि, पर्दे के पीछे कतर की मध्यस्थता में तेहरान और वाशिंगटन के बीच दो दौर की अहम बातचीत हो चुकी है। इस संभावित समझौते के तहत एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे ईरान होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री जहाजों पर हमले रोक दे और इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी आर्थिक व नौसैनिक नाकाबंदी हटा ले।