शिक्षक हत्याकांड में मुखिया का ड्राइवर गिरफ्तार, पंचायत भवन में तालिबानी सजा देकर थार से फेंका था शव

शिक्षक हत्याकांड में मुखिया का ड्राइवर गिरफ्तार, पंचायत भवन में तालिबानी सजा देकर थार से फेंका था शव

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र में बीते 17 सितंबर को हुए बहुचर्चित शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सरकारी स्कूल में परीक्षा नियंत्रण ड्यूटी कर घर लौट रहे शिक्षक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के मामले में पुलिस ने सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया के वाहन चालक जुबैर आलम को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान ड्राइवर की संदिग्ध भूमिका उजागर होने के बाद पुलिस ने उसे अप्राथमिकी अभियुक्त बनाते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामले में दर्ज कुल 9 नामजद आरोपियों में से 2 और जांच में सामने आए 2 गैर-प्राथमिकी आरोपियों को मिलाकर अब तक कुल 4 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

इंसानियत को झकझोर देने वाली है वारदात

पुरानी रंजिश को लेकर घटी यह वारदात इंसानियत को झकझोर देने वाली है। ड्यूटी खत्म कर लौट रहे शिक्षक शमशाद को सिसवा पूर्वी पंचायत के पास घेरकर जबरन पंचायत भवन में खींच लिया गया। आरोप है कि राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित मुखिया तान्या प्रवीण की मौजूदगी में लाठी-डंडों से पीट-पीटकर शिक्षक के हाथ-पैर तोड़ दिए गए। मृतक के पिता मोहम्मद रफीक आलम के मुताबिक, सूचना मिलते ही जब वे पंचायत भवन पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था और अंदर से बेटे की दर्दनाक चीखें आ रही थीं। लाचार पिता ने वहां मौजूद लोगों से गुहार लगाई, लेकिन कोई आगे नहीं आया। कुछ ही देर में दरवाजा खुला और एक थार गाड़ी वहां से तेज रफ्तार में निकली। जब पिता अंदर गए तो कमरा खाली था। परिजनों का सीधा आरोप है कि जब वे फरियाद लेकर बंजरिया थाना पहुंचे तो मदद की बजाय उन्हें ही झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई, और वारदात के करीब तीन घंटे बाद मोतिहारी सदर अस्पताल में बिना किसी सुरक्षा के शमशाद का लावारिस शव पड़ा मिला।

इस बर्बर हत्याकांड को लेकर मोतिहारी में जनाक्रोश चरम पर है। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को मोतिहारी सदर अस्पताल के सामने मुख्य सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया था। मामले की तपिश राजधानी पटना तक पहुंची, जहां राजद के एक शिष्टमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर बात कराई। तेजस्वी ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने का पूरा भरोसा दिया है। वहीं दूसरी ओर, मृतक के पिता ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विधानसभा की 'गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति' के सभापति द्वारा मोतिहारी सेंट्रल जेल में बंद आरोपियों से मुलाकात कर उन्हें अनुचित मदद पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।