अमेरिका समंदर में क्यों डुबो रहा कबाड़? 180 फीट का जहाज और 31 टन का गैस टैंक पानी में उतारा

अमेरिका समंदर में क्यों डुबो रहा कबाड़? 180 फीट का जहाज और 31 टन का गैस टैंक पानी में उतारा

समुद्र की असीम गहराइयों में कचरा फेंकना आमतौर पर पर्यावरण प्रदूषण और समुद्री जीवन के विनाश का कारण माना जाता है, लेकिन हाल ही में अमेरिका द्वारा उठाए गए एक कदम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने 180 फीट लंबे एक विशालकाय सेवा जहाज (Offshore Supply Vessel) और 31 टन वजनी भारी-भरकम एलपीजी गैस टैंक को जानबूझकर मेक्सिको की खाड़ी (Gulf of Mexico) के गहरे पानी में डुबो दिया। सतह पर देखने में यह कदम भले ही किसी पर्यावरण विरोधी गतिविधि जैसा लगे या कबाड़ ठिकाने लगाने का आसान तरीका प्रतीत हो, लेकिन इसके पीछे एक बेहद जटिल, वैज्ञानिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी दूरदर्शी सोच छिपी हुई है। इस अनोखे अभियान का मुख्य उद्देश्य समुद्र के नीचे कृत्रिम रीफ (Artificial Reef) का निर्माण करना है, जो तटीय पारिस्थितिकी तंत्र (Coastal Ecosystem) को पुनर्जीवित करने और समुद्री जीवों के लिए एक नया और सुरक्षित आशियाना बनाने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएगा।

कृत्रिम रीफ (Artificial Reef) तकनीक क्या है और पुराने जहाजों को समुद्र में क्यों उतारा जाता है?

प्राकृतिक प्रवाल भित्तियाँ यानी कोरल रीफ (Coral Reefs) दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और मानवीय गतिविधियों के कारण तेजी से नष्ट हो रही हैं। प्रवाल भित्तियों के नुकसान से हजारों समुद्री प्रजातियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। इसी प्राकृतिक संकट से निपटने के लिए वैज्ञानिक 'आर्टिफिशियल रीफ' का सहारा ले रहे हैं। जब किसी स्टील के ढांचे, पुराने जहाज या बड़े टैंक को समुद्र के तल पर उतारा जाता है, तो समय के साथ उस लोहे की संरचना पर शैवाल (Algae), कोरल, स्पंज और अन्य समुद्री जीव चिपकना शुरू हो जाते हैं। 180 फीट लंबा यह जहाज और 31 टन का गैस टैंक समुद्र की तली में एक ठोस और मजबूत आधार (Substrate) की तरह काम करेगा। महज कुछ ही महीनों में यह लोहे का कबाड़ एक जीवंत और बहुरंगी समुद्री चट्टान में बदल जाएगा, जहां छोटी और बड़ी मछलियां, केकड़े और दुर्लभ समुद्री जीव शरण ले सकेंगे, अपना प्रजनन केंद्र बना सकेंगे और शिकारियों से अपना बचाव कर सकेंगे।

पर्यावरण सुरक्षा के लिए कठोर मानक: डुबाने से पहले कैसे की गई जहाज की सफाई?

किसी भी जहाज या औद्योगिक उपकरण को समुद्र में डुबोना बेहद जोखिम भरा हो सकता है यदि उसे बिना तैयार किए पानी में उतार दिया जाए। इस बात को ध्यान में रखते हुए, 180 फीट लंबे जहाज और 31 टन के टैंक को पानी में उतारने से पहले कई महीनों की बेहद सख्त और विस्तृत सफाई प्रक्रिया से गुजारा गया। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) और कोस्ट गार्ड के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत जहाज से सभी जहरीले रसायन, बचा हुआ ईंधन, इंजन तेल, पेंट की हानिकारक परतें, ग्रीस, पीसीबी (PCBs) और केबल तार पूरी तरह से हटाए गए। जहाज के हर एक कोने को साफ करके यह सुनिश्चित किया गया कि इससे समुद्री जल में किसी भी तरह का रासायनिक प्रदूषण न फैले। इसके अतिरिक्त, जहाज के दरवाजों और खिड़कियों को हटा दिया गया ताकि पानी के नीचे गोताखोर (Scuba Divers) और समुद्री जीव बिना किसी खतरे के इसके अंदर और बाहर आ-जा सकें।

तटीय अर्थव्यवस्था और इको-टूरिज्म को मिलेगा अभूतपूर्व बढ़ावा

समुद्र में चलाए गए इस अनोखे प्रोजेक्ट से केवल पर्यावरण और समुद्री जीवों को ही लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि स्थानीय तटीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत बड़ा आर्थिक फायदा होगा। जब कोई जहाज कृत्रिम रीफ में तब्दील हो जाता है, तो वह स्थान दुनिया भर के स्कूबा डाइवर्स, शोधकर्ताओं और रीक्रिएशनल फिशिंग (सैर-सपाटे के लिए मछली पकड़ने वाले) के शौकीनों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन जाता है। इस कदम से फ्लोरिडा और खाड़ी तटीय क्षेत्रों में इको-टूरिज्म को जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा। डाइविंग टूरिज्म से स्थानीय होटलों, बोट ऑपरेटर्स, गाइडों और स्थानीय व्यवसायों को करोड़ों डॉलर का राजस्व प्राप्त होगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि जहाजों और विशाल जहाजी घटकों को रिसाइकल करने या रीफ बनाने के रूप में पुनः उपयोग करने का यह मॉडल भविष्य में समुद्री संरक्षण और तटीय पर्यटन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।