अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से उनकी ही पार्टी के लोग क्यों नाराज? ईरान से लेकर यूक्रेन युद्ध पर घिरे

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से उनकी ही पार्टी के लोग क्यों नाराज? ईरान से लेकर यूक्रेन युद्ध पर घिरे

अमेरिका की राजनीति और रक्षा मामलों में उस समय बड़ा तूफान खड़ा हो गया, जब रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से कड़े विरोध और असंतोष का सामना करना पड़ा। पेंटागन के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे पीट हेगसेथ पर अब न केवल विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के प्रभावशाली सीनेटरों और प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने तीखे सवाल दागना शुरू कर दिया है। विदेश नीति, सैन्य रणनीति और रक्षा बजट को लेकर हेगसेथ द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ विवादास्पद फैसलों ने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर की दरारों को उजागर कर दिया है। वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या हेगसेथ रक्षा मंत्रालय में अपने पद पर लंबे समय तक टिक पाएंगे या फिर पार्टी के बढ़ते दबाव के आगे उन्हें अपना इस्तीफा सौंपना पड़ेगा।

ईरान संकट और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य नीति पर गहराया विवाद

पीट हेगसेथ के खिलाफ अपनी ही पार्टी के सांसदों के भड़कने की सबसे बड़ी वजह ईरान और मध्य पूर्व में जारी तनाव से निपटने की उनकी रणनीति बनी है। रिपब्लिकन पार्टी के कई वरिष्ठ और रूढ़िवादी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हेगसेथ की नीतियां या तो अत्यधिक आक्रामक हैं या फिर उनमें सुस्पष्ट दीर्घकालिक दृष्टिकोण का अभाव है। ईरान समर्थित गुटों के खिलाफ हाल ही में चलाए गए सैन्य अभियानों और अमेरिकी बलों की तैनाती को लेकर सीनेट की रक्षा समिति में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सांसदों को डर है कि हेगसेथ के फैसलों के कारण अमेरिका एक बार फिर मध्य पूर्व में किसी लंबे और महंगे क्षेत्रीय युद्ध में घिसट सकता है, जिसका सीधा नुकसान अमेरिकी अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को उठाना पड़ेगा।

यूक्रेन युद्ध पर नीतिगत उलझन और नाटो सहयोगियों के साथ बढ़ता तनाव

यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर भी पीट हेगसेथ अपने ही रिपब्लिकन साथियों के निशाने पर आ गए हैं। रिपब्लिकन पार्टी में एक धड़ा जहां यूक्रेन को दी जाने वाली भारी सैन्य और आर्थिक सहायता पर तुरंत रोक लगाने की वकालत कर रहा है, वहीं विदेश मामलों के अनुभवी रिपब्लिकन सीनेटर यह चेतावनी दे रहे हैं कि अमेरिका की ओर से ढिलाई का मतलब रूस के सामने घुटने टेकना होगा। हेगसेथ इस दोनों धड़ों के बीच संतुलन बनाने में पूरी तरह से विफल रहे हैं। उनके असंगत बयानों और नाटो (NATO) सहयोगियों के साथ सैन्य तालमेल में आ रही अड़चनों के कारण पेंटागन की साख पर बुरा असर पड़ रहा है। कई सांसदों का आरोप है कि रक्षा मंत्री के पास न तो यूरोपियन सुरक्षा का कोई स्पष्ट ढांचा है और न ही वे युद्ध को समाप्त कराने के लिए कोई प्रभावी नीति पेश कर पा रहे हैं।

पेंटागन में प्रशासनिक फेरबदल और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में नाराजगी

विदेश नीति के अलावा, पेंटागन के भीतर प्रशासनिक स्तर पर किए गए कुछ अचानक फेरबदल भी हेगसेथ के लिए गले की फांस बन गए हैं। रक्षा मंत्रालय के शीर्ष पदों से अनुभवी अधिकारियों को हटाने और सैन्य अधिकारियों की नियुक्तियों में राजनीतिक हस्तक्षेप करने के आरोपों ने रिपब्लिकन पार्टी के पारंपरिक रक्षा विशेषज्ञों को खासा नाराज किया है। पूर्व सैन्य अधिकारियों और वर्तमान कमांडरों के बीच हेगसेथ की कार्यशैली को लेकर भारी असंतोष देखा जा रहा है। अपनी ही पार्टी के कई नेताओं का तर्क है कि इस तरह के विवादास्पद कदमों से अमेरिका की सेना के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जिससे वैश्विक मंच पर चीन और रूस जैसे प्रतिस्पर्धी देशों को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

निष्कर्ष: पीट हेगसेथ के सामने कुर्सी बचाने की सबसे बड़ी चुनौती

कुल मिलाकर, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ इस समय अपने कार्यकाल के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। ईरान से लेकर यूक्रेन युद्ध तक के संवेदनशील मुद्दों पर जिस तरह से वे अपनी ही पार्टी के भीतर घिरे हैं, उसने वाशिंगटन की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। यदि वे समय रहते अपनी नीतियों में जरूरी सुधार नहीं करते और अपनी ही पार्टी के सांसदों के विश्वास को बहाल करने में नाकाम रहते हैं, तो उनके खिलाफ आने वाले दिनों में और सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।