सऊदी पर हू‍ती दाग रहा मिसाइलें, तो सरकार क्‍यों दे रही भारतीयों को मोबाइल वीडियो नहीं बनाने की सलाह?

सऊदी पर हू‍ती दाग रहा मिसाइलें, तो सरकार क्‍यों दे रही भारतीयों को मोबाइल वीडियो नहीं बनाने की सलाह?

पश्चिम एशिया में जारी भारी सुरक्षा संकट और रियाद समेत सऊदी अरब के विभिन्न शहरों पर यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों ने भारतीय प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। इस बिगड़ते माहौल के बीच रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे करीब 26 लाख से अधिक भारतीय नागरिकों के लिए एक अहम और सख्त एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने भारतीयों को सावधान रहने और एयर रेड या हमलों के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह के साथ-साथ एक बेहद खास चेतावनी दी है कि वे हमलों या मिसाइल इंटरसेप्ट के मोबाइल वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर न करें।

मिसाइल इंटरसेप्शन का वीडियो बनाना क्यों माना जा रहा है खतरनाक?

सऊदी अरब में मिसाइल हमलों या वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा उन्हें हवा में नष्ट किए जाने का वीडियो शूट करना और उसे सार्वजनिक करना स्थानीय कानूनों के तहत एक बड़ा अपराध है। जब कोई व्यक्ति अपने मोबाइल से मिसाइल हमले या एयर डिफेंस की गतिविधि रिकॉर्ड करता है, तो अनजाने में सैन्य ठिकाने, रडार लोकेशन और रक्षा रणनीतियों की बेहद गोपनीय जानकारी उजागर हो सकती है। सऊदी कानून प्रवर्तन एजेंसियां ऐसे वीडियो बनाने वालों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं और ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसी वजह से भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को स्थानीय कानूनों का पूरी तरह से पालन करने और अपनी सुरक्षा को खतरे में न डालने की अपील की है।

पैनिक, फर्जी खबरें और सैन्य रणनीतियों के लीक होने का बड़ा जोखिम

हूती मिसाइल हमलों के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो केवल सुरक्षा बलों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी भ्रम और डर का माहौल पैदा करते हैं। अक्सर पुराने या एडिटेड वीडियो शेयर होने से प्रवासियों के परिवारों में बेवजह घबराहट फैल जाती है। इसके अलावा, दुश्मन देश या विद्रोही गुट इन वीडियो का इस्तेमाल अपनी मिसाइल स्ट्राइक के सटीक निशाने और नुकसान का आकलन करने (Battlefield Damage Assessment) के लिए कर सकते हैं। यही कारण है कि भारतीय सरकार ने अपने प्रवासियों को सोशल मीडिया पर ऐसी किसी भी वीडियो सामग्री या असत्यापित खबरों को रीपोस्ट करने से पूरी तरह बचने को कहा है।

आपात स्थिति में क्या करें भारतीय? दूतावास की आपातकालीन गाइडलाइंस

भारतीय दूतावास ने सभी प्रवासियों को शांत रहने, किसी भी हवाई हमले की चेतावनी मिलने पर तुरंत बहुमंजिला इमारतों के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करने की हिदायत दी है। आपातकालीन सहायता के लिए भारतीय प्रवासी सहायता केंद्र (PBSK) का 24 घंटे काम करने वाला टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप सुविधा जारी की गई है ताकि मुसीबत के वक्त तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सतर्कता और स्थानीय नियमों का सख्ती से पालन ही इस संकट के समय में उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा गारंटी है।