शी जिनपिंग का 'क्लीन स्वीप': चीन की सेना और राजनीति में बड़े पदों से 13 अधिकारी बर्खास्त, मचा हड़कंप

शी जिनपिंग का 'क्लीन स्वीप': चीन की सेना और राजनीति में बड़े पदों से 13 अधिकारी बर्खास्त, मचा हड़कंप

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए देश के सर्वोच्च विधायी निकाय 'नेशनल पीपल्स कांग्रेस' (NPC) के 13 वरिष्ठ सदस्यों को सीधे तौर पर उनके पदों से बर्खास्त कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई में 6 प्रमुख सैन्य जनरल भी शामिल हैं। जिनपिंग का यह कदम पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त एक्शन माना जा रहा है।

बर्खास्त किए गए प्रमुख सैन्य अधिकारी

NPC द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन अधिकारियों पर 'चाबुक' चला है, उनमें PLA के बेहद प्रभावशाली पदों पर बैठे जनरल शामिल हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं:

  • जनरल शू श्वेचियांग

  • जनरल ली फेंगबियाओ

  • जनरल गुओ पुशियाओ

  • वांग कांगपिंग

  • झांग मिंगहुआ

  • यिन होंगशिंग

ये अधिकारी PLA के थिएटर कमांड, अत्याधुनिक साइबर स्पेस फोर्स और महत्वपूर्ण 'इक्विपमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट' जैसी इकाइयों का हिस्सा थे। इनका अचानक पदों से हटना चीन की सैन्य संरचना में बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है।

क्यों हुई यह कार्रवाई?

बर्खास्तगी के पीछे के ठोस कारणों का खुलासा आधिकारिक अधिसूचना में नहीं किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे तीन प्रमुख बिंदु हैं:

  • भ्रष्टाचार विरोधी अभियान: 2012 से शी जिनपिंग का 'एंटी-करप्शन कैंपेन' जारी है, जिसका लक्ष्य सेना और सरकारी तंत्र को पूरी तरह से 'वफादार' बनाना है।

  • लंबे समय से गायब: ये सैन्य अधिकारी काफी समय से अहम सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों से नदारद थे। उनकी संदिग्ध गतिविधियों और 'अनुशासनहीनता' को देखते हुए उन पर नजर रखी जा रही थी।

  • सत्ता पर नियंत्रण: जिनपिंग अपनी सत्ता और सेना पर अपनी पकड़ को निर्विवाद बनाए रखने के लिए लगातार ऐसे 'शुद्धिकरण' (Purge) करते रहते हैं।

क्या है शी जिनपिंग का 'मिशन 2026'?

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जब से सत्ता संभाली है, तब से हजारों अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। यह कार्रवाई सिर्फ भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेना के भीतर किसी भी प्रकार के 'विद्रोह' या 'असहमति' को पनपने से रोकने की एक सोची-समझी रणनीति है। साइबर स्पेस फोर्स और इक्विपमेंट डिपार्टमेंट से इन जनरलों की विदाई यह दर्शाती है कि जिनपिंग अब चीन की तकनीकी और सैन्य सुरक्षा के भविष्य को लेकर किसी भी जोखिम को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।