उत्तर प्रदेश ।। कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचैरी ने भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2018 में ‘‘यू0पी0 दिवस‘‘ के उद्घाटन अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश जनसंख्या, युवा शक्ति एवं प्राकृतिक सम्पदा के दृष्टिकोण से देश का अति विशिष्ट प्रदेश है।

प्रदेश के समावेशी विकास हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका का विशेष महत्व है। प्रदेश में औद्यौगिक वातावरण बनाये जाने एवं स्थापित इकाइयों के प्रोत्साहन हेतु सरल एवं सुगम नीतियाॅ वर्तमान सरकार द्वारा बनाई गयीं हैं, ताकि उद्यमियों को उद्यम स्थापना से लेकर उत्पादों के निर्यात तक हर सम्भव मदद हो सके।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटे एवं मझोले उद्योगों को बढावा देने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ‘‘एक जनपद एक उत्पाद‘‘ योजना का आरम्भ किया है। योजना को प्रभावी एवं अमली जामा पहनाने के लिये राष्ट्रपति व राज्यपाल की उपस्थिति में समिट का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुद्रा योजना, स्टैण्ड-अप योजना एवं प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री ने कहा कि भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के माध्यम से छोटे, मझोले उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही उनके उत्पादों को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान प्राप्त होती है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तैयार किये जा रहे विभिन्न प्रकार के उत्पादों का सही ढं़ग से निर्यात सम्भव हो सके, इस हेतु कालीन का शहर कहे जाने वाले जनपद ‘भदोही‘ में भदोही मार्ट की स्थापना की गयी, ताकि वहाॅ के उद्यमियों को दिल्ली या अन्य बडे जनपदों या प्रदेश में दौड न लगानी पडे।
उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में आगरा में ‘आगरा मीट‘ का आयोजन किया गया, जिसमें चमड़ा से बने विभिन्न प्रकार के उत्पादों को एक पटल पर रखा गया, आयोजन में पड़ोसी देशों के अलावा अन्य देशों के भी निवेशकों एवं उद्यमियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
पचैरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सर्वोत्तम सम्भावनाओं एवं प्रतिभाओं का प्रदेश है। अब तक ‘‘एक जनपद एक उत्पाद‘‘ महत्वाकाॅक्षी योजना के तहत 70 हजार उद्यमियों को ऋण दिलाया गया है, ताकि धनाभाव में छोटे मझोले उद्यम विश्व पटल पर अपना स्थान बना सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के तहत प्रत्येक जनपद में ‘काॅमन फैसेलिटी सेन्टर‘ की स्थापना की जायेगी, जिस हेतु कैबिनेट द्वारा प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एमएसएमई के माध्यम से 60,000 लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया है।




