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omg!! दिवाली से पहले दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, ये हैं हाल

दिल्ली ।। राजधानी दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में आ गई है। बुधवार को बीते चार महीने में प्रदूषण का सबसे उच्च स्तर दर्ज किया गया। कई इलाकों में पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर गंभीर हो गया है। पीएम 10 का स्तर 287 अैर पीएम 2.5 का स्तर 131 मापा गया। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में प्रदूषण और बढ़ सकता है। दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद भी लगातार हवा प्रदूषित हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलने के कारण और रात में तापमान गिरने से प्रदूषण बढ़ रहा है। ‘सफर’ के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 दर्ज किया गया। यह चार महीने बाद पहली बार तीन सौ के स्तर को पार कर गया है। इसे बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है। गुरुवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ से ज्यादा रहने की आशंका है। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक आनंद विहार में बुधवार को एक्यूआई 380, द्वारका सेक्टर आठ में एक्यूआई 376, आईटीओ पर 295 और जहांगीरपुरी में एक्यूआई 349 रिकॉर्ड किया गया। रोहिणी में एक्यूआई 353 दर्ज किया गया।

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दिल्ली सरकार की ओर से बुधवार को नासा की ओर से जारी कुछ तस्वीरों को दिखाकर कहा गया कि उत्तर भारत के बहुत से इलाकों खासकर हरियाणा-पंजाब में जमकर पराली जलाई जा रही है। सरकार ने इस वजह से आगामी दिनों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई है। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने नासा की ओर से जारी कुछ तस्वीरों को दिखाया जिसमें नजर आ रहा है कि उत्तर भारत के बहुत से इलाकों में पराली जलाई जा रही है। इनमें खासकर हरियाणा, पंजाब के हिस्सों को मानचित्र पर दर्शाया गया है। हुसैन ने आने वाले दिनों में दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में धुएं की परत चढ़ने की आशंका जताते हुए इससे बचने के लिए अभी से कदम उठाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि हम लगातार अन्य राज्यों की सरकारों को पत्र लिख रहे हैं कि पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। पराली जलाने से आने वाले दिनों में दिल्ली में धुएं की भयंकर परत चढ़ सकती है। हुसैन ने कहा कि यह समझ से परे है कि क्यों इस खतरे को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके परिणाम आने वाले दिनों में विनाशकारी होंगे।

राजधानी में 21 अक्तूबर को होने वाली एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन के रूट को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए इस बार व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय धावकों को परेशानी न हो। दिल्ली हॉफ मैराथन में इस बार 34 हजार से अधिक धावक हिस्सा ले रहे हैं। रेस की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से होगी। रेस रूट को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए रात 12 बजे से पूरे रूट पर सुरक्षित रसायन मिले पानी का छिड़काव किया जाएगा ताकि धूल के कण उठ न सकें और धावकों को सांस लेने में परेशानी न हो।

फोटो- फाइल

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