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Up Kiran, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के सुकमा इलाके से जुड़े प्रमुख नक्सली जोड़े ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू क्षेत्र में हथियार रख दिए। यह कदम स्थानीय निवासियों के लिए राहत का संकेत बन रहा है जहां वर्षों से हिंसा ने जीवन प्रभावित किया। दक्षिण सब-जोनल समिति से जुड़े इस दंपति पर 33 लाख का इनाम था जो सुरक्षा अभियानों की मजबूती दर्शाता है।

जोड़े की यात्रा और भूमिका

सुकमा के गगनपल्ली के बोडेगुब्बल गांव से ताल्लुक रखने वाला जयलाल 1994 से बाल संगठन के जरिए नक्सल गतिविधियों में सक्रिय हुआ। दरभा डिवीजन में सैन्य प्रमुख और एसडीजेडसीएम जैसे पदों पर रहकर उसने कई हमलों की योजना बनाई। सुरक्षा दलों पर घात हमले पुलिस शिविरों पर आक्रमण दो मुठभेड़ बैंक लूट और आईईडी विस्फोट जैसी घटनाओं से जुड़ा रहा। उसकी साथी विमला ने 2006 से करीब दो दशक तक कोंटा बडेसट्टी मलेंगर और जगारगोंडा जैसे इलाकों में जिम्मेदारियां निभाईं। विभिन्न हिंसक कार्रवाइयों और मुठभेड़ों में उसकी भागीदारी रही।

बदलाव के पीछे की वजहें

नई सुरक्षा चौकियों ने नक्सलियों का मनोबल तोड़ा जिससे उनकी कार्रवाइयां घट गईं। ग्रामीणों का माओवादी सोच से दूरी बनाना भी बड़ा कारक है। आंध्र प्रदेश छत्तीसगढ़ और ओडिशा की पुनर्वास नीतियां मुख्यधारा में लौटने को प्रोत्साहित कर रही हैं। ये तत्व मिलकर ऐसे फैसलों को बढ़ावा दे रहे हैं।

अधिकारियों का संदेश और उम्मीद

एएसआर जिले के पुलिस प्रमुख अमित बरदार और सुकमा के नक्सल अभियान अधिकारी ने बताया कि लौटने वालों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बाकी सदस्यों से हिंसा त्यागकर समाज में शामिल होने का आह्वान किया। यह घटना नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति की नई शुरुआत का प्रतीक बन सकती है।