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Up kiran,Digital Desk : भारतीय विमानन क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। एयरलाइन ने इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के वर्तमान महानिदेशक विलियम 'विली' वॉल्श को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का एलान किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में पीटर एल्बर्स ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था। वॉल्श की एंट्री को इंडिगो के वैश्विक विस्तार और ऑपरेशनल मजबूती के लिए एक बड़े गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है।

अगस्त 2026 से संभालेंगे कार्यभार: IATA से सीधे इंडिगो तक का सफर

विली वॉल्श वर्तमान में दुनिया भर की एयरलाइंस की प्रतिनिधि संस्था IATA के डायरेक्टर जनरल के रूप में कार्यरत हैं। उनका वहां कार्यकाल 31 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। इंडिगो द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, वॉल्श 3 अगस्त 2026 या उससे पहले कंपनी में अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं। हालांकि, उनकी नियुक्ति अभी नियामक मंजूरियों के अधीन है। पीटर एल्बर्स, जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में आए ऑपरेशनल संकट के बाद इस्तीफा दिया था, उनके जाने के बाद इंडिगो को एक ऐसे नेतृत्व की तलाश थी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी की धाक जमा सके।

विमानन जगत के 'आइकॉनिक लीडर' हैं विली वॉल्श

विली वॉल्श का प्रोफाइल एविएशन सेक्टर में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वे ब्रिटिश एयरवेज और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) जैसी दिग्गज कंपनियों के CEO रह चुके हैं। IAG वही ग्रुप है जिसके पास ब्रिटिश एयरवेज, इबेरिया और एयर लिंगस जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स का स्वामित्व है। इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने उनके अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने और बड़े स्तर पर विमानन ऑपरेशन्स को संभालने में वॉल्श का कोई मुकाबला नहीं है।

चुनौतियों के बीच इंडिगो को नई ऊंचाई देने की जिम्मेदारी

इंडिगो के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल भाटिया ने वॉल्श को एक 'आइकॉनिक एविएशन लीडर' बताया है। वॉल्श के सामने सबसे बड़ी चुनौती इंडिगो के ऑपरेशनल सिस्टम को और अधिक विश्वसनीय बनाना और कस्टमर एक्सपीरियंस (यात्री अनुभव) में सुधार करना होगा। पिछले कुछ समय में तकनीकी खामियों और उड़ानों के रद्द होने के कारण एयरलाइन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब वॉल्श के ग्लोबल विजन से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इंडिगो न केवल घरेलू बाजार में अपनी पकड़ मजबूत रखेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रूटों पर भी अपनी सेवाओं का विस्तार करेगी।

पीटर एल्बर्स का कार्यकाल और इस्तीफा

पीटर एल्बर्स ने तीन साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान इंडिगो को कई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, लेकिन पिछले साल दिसंबर में आए कुछ ऑपरेशनल संकटों के बाद उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। उनके इस्तीफे के बाद से ही बाजार में नए उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें तेज थीं, जिन पर अब विली वॉल्श के नाम के साथ विराम लग गया है।