बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, चुनाव आयोग ने राज्य भर में अपनी गतिविधियाँ तेज़ कर दी हैं। पटना में आयोग की टीम ने Enforcement Agencies के साथ बैठक की और साफ कर दिया कि इस बार पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा।
शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों ने राज्य के बड़े राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें सबसे ज़्यादा ध्यान एक चरण में चुनाव कराने और मतदान तिथि को छठ पूजा के बाद तय करने पर दिया गया।
Enforcement Agencies के साथ गहन बैठकें
चुनाव आयोग ने आज आयकर विभाग, पुलिस, और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर चुनावी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। इसका मकसद चुनाव में काले धन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
बाद में आयोग ने राज्य पुलिस नोडल अधिकारी, केंद्रीय सुरक्षा बलों, और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन किया। उच्च स्तरीय समन्वय की बैठक में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल हुए।
CEC ने किया बड़ा ऐलान: “छठ से पहले होंगे चुनाव”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव 22 नवंबर से पहले संपन्न करा लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “बिहार में कुल 243 निर्वाचन क्षेत्र हैं। हमारी टीम दो दिनों तक राज्य में रहकर चुनावी तैयारियों का गहन मूल्यांकन कर रही है।”
उन्होंने बिहार के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “जैसे आप छठ पूजा को धूमधाम से मनाते हैं, वैसे ही लोकतंत्र के इस महापर्व में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।"
EVM में नया बदलाव: अब दिखेगा रंगीन चेहरा और बड़ा नंबर!
एक दिलचस्प ऐलान करते हुए CEC ने बताया कि अब से ईवीएम (EVM) में उम्मीदवारों की तस्वीरें रंगीन होंगी और सीरियल नंबर का फ़ॉन्ट बड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा, “कई बार श्वेत-श्याम तस्वीरों में पहचान करना मुश्किल होता है, इसलिए यह बदलाव जरूरी है।”
यह सुविधा बिहार से शुरू होकर पूरे देश में लागू की जाएगी।
राजनीतिक दलों की बैठक: कौन क्या बोला?
जनता दल (यूनाइटेड) ने आयोग से आग्रह किया कि चुनाव एक ही चरण में कराए जाएँ, जैसे महाराष्ट्र में हुआ। वहीं, भाजपा ने भी एक या दो चरणों की वकालत की, साथ ही बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पहचान को लेकर सवाल उठाया।
हालांकि, राजद (राष्ट्रीय जनता दल) ने भाजपा की इस मांग को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक एजेंडा बताया। राजद नेता अभय कुशवाहा ने कहा, “भाजपा सिर्फ भ्रम फैलाने का काम कर रही है।”




