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UP Kiran,Digital Desk: अमेरिका ने भारत को वैश्विक तकनीकी और खनिज आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बनने का प्रस्ताव दिया है। अमेरिकी विदेश उप मंत्री (अर्थशास्त्र मामलों) जैकब हेलबर्ग ने इस बात का ऐलान शुक्रवार को किया। साथ ही, उन्होंने बताया कि वह भारत का दौरा करने वाले हैं, जहां दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

भारत के लिए नए आर्थिक अवसर

पैक्स सिलिका पहल, जिसे अमेरिका ने 2025 में शुरू किया था, एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक योजना है। इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और अत्याधुनिक सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाना है, जिसमें सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत निर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों का समावेश है। इस पहल में पहले से ही ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजराइल, सिंगापुर, यूएई और ब्रिटेन जैसे देशों का योगदान है। अब, अमेरिका ने भारत को भी इसमें शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

हेलबर्ग ने भारत की तकनीकी प्रगति और युवा जनसंख्या को लेकर उत्साह व्यक्त किया है। उनके मुताबिक, भारत न केवल तकनीकी दृष्टि से दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है, बल्कि यह चीन जैसी ताकतवर अर्थव्यवस्था से भी प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखता है। भारत की खनिज और प्रसंस्करण क्षमताएं वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक बन सकती हैं। इससे भारतीय उद्योगों के लिए नई दिशा और अवसर खुल सकते हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती का संकेत

हेलबर्ग ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका और भारत के रिश्ते अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुके हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच गहरे व्यक्तिगत रिश्तों के चलते, दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नया मुकाम मिल सकता है।