Up Kiran, Digital Desk: नक्सली सुकमा जिले के जगरगुंडा इलाके में तैनात डिप्टी एसपी (DSP) तोमेश वर्मा पर शुक्रवार को दिन के वक्त चाकू से जानलेवा हमला किया गया। अपराधियों ने घटना को अंजाम देने के लिए लगभग 350 किलोमीटर दूर दुर्ग से दंतेवाड़ा तक उनका पीछा किया था। हमले में डीएसपी को चेहरे, गले और सिर में गंभीर जख्म आए हैं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, डीएसपी तोमेश वर्मा सरकारी काम के सिलसिले में दंतेवाड़ा गए थे और सत्र अदालत में पेश हुए थे। इसी दौरान दुर्ग जिले के निवासी रिटायर्ड सैनिक रमाशंकर साहू और महिला रजनीशा वर्मा उनका पीछा कर रहे थे। दोनों आरोपियों ने अदालत के बाहर डीएसपी से बातचीत की और फिर उनकी गाड़ी में सवार हो गए।
दो घंटे तक चाकू की नोक पर बंधक रखा
पुलिस के मुताबिक, गाड़ी में बैठने के कुछ समय बाद महिला ने अचानक चाकू निकाल लिया और डीएसपी को बंधक बना लिया। इसके बाद लगभग दो घंटे तक उन्हें चाकू की धमकी देकर गाड़ी चलाने के लिए मजबूर किया गया। जब गाड़ी एक कार शोरूम के पास पहुंची, तभी रिटायर्ड सैनिक ने अचानक डीएसपी की गर्दन पर चाकू से वार कर दिया।
हमले में डीएसपी की गर्दन से खून बहने लगा। घायल अधिकारी किसी तरह गाड़ी से बाहर निकले और अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर आत्मरक्षा की कोशिश की। सड़क पर हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलने पर दंतेवाड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। हमले में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पहले DSP पर दर्ज कर चुकी थी बलात्कार का मामला
इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल महिला वही है, जिसने पहले डीएसपी तोमेश वर्मा के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। महिला ने 20 दिसंबर 2024 को दुर्ग के मोहन नगर पुलिस थाने में शिकायत दी थी। एफआईआर के मुताबिक, महिला ने आरोप लगाया था कि 31 अगस्त 2024 को डीएसपी ने उसके घर में घुसकर उसके साथ बलात्कार और हिंसा की थी। यह मामला अभी अदालत में चल रहा है। दंतेवाड़ा के एसपी गौरव राय ने कहा कि डीएसपी तोमेश वर्मा अब खतरे से बाहर हैं और जिला अस्पताल में उनका इलाज जारी है।




