UP Kiran,Digital Desk: भारत और नेपाल के बीच रक्षा सहयोग एक नया मुकाम तक पहुंच गया है। भारतीय सेना ने हाल ही में नेपाल की सेना को 50 सैन्य उपयोग वाहन सौंपे हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने का संकेत है। भारतीय सेना ने इस कड़ी में अपनी ओर से कुछ तस्वीरें साझा कीं और कहा कि यह पहल दोनों सेनाओं के बीच 'अटूट मित्रता' को दर्शाती है।
समारोह का आयोजन नेपाल की राजधानी काठमांडू में किया गया, जिसमें भारत के राजदूत ने इन सैन्य वाहनों का औपचारिक रूप से वितरण किया। भारतीय सेना का मानना है कि यह पहल नेपाली सेना के क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो उनके सैन्य तैयारियों को और बेहतर बनाएगी।
संवेदनशील रक्षा सहयोग का प्रतीक
भारतीय सेना ने इस कदम को भारतीय सेना और नेपाली सेना के बीच मौजूदा मित्रता और सहयोग को बढ़ावा देने वाला बताया। भारतीय सेना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा पोस्ट में लिखा, 'यह रक्षा सहयोग दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और सहयोग के रिश्ते को रेखांकित करता है।' इस सहयोग का उद्देश्य केवल सैन्य सहायता देना नहीं, बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच अधिक सामंजस्य और आपसी समझ विकसित करना भी है।
म्यांमा की सेना से भारतीय सहयोग की एक नई मिसाल
इसके अलावा, भारतीय सेना ने म्यांमा की सेना के साथ अपने संबंधों का भी उल्लेख किया है। भारतीय सेना ने म्यांमा में एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधा स्थापित की है। सेना ने बताया कि उनकी मोबाइल प्रशिक्षण टीम ने म्यांमा के बाहतू में 'म्यांमा आर्मी कॉम्बैट फोर्सेज स्कूल' में पैदल सेना के हथियार प्रशिक्षण सिम्युलेटर की व्यवस्था की है।
यह सिम्युलेटर वास्तविक जीवन के मुकाबले परिस्थितियों का अनुकरण करता है और म्यांमा के सैनिकों को सैन्य कौशल, रणनीतिक निर्णय और आपातकालीन स्थिति से निपटने में प्रशिक्षण प्रदान करता है। भारतीय सेना के मुताबिक, म्यांमा के सैन्य कर्मियों को सिम्युलेटर के संचालन, परिदृश्यों की रचना और तकनीकी रखरखाव पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया है। यह पहल दोनों देशों के बीच और अधिक गहरे सैन्य संबंधों की ओर बढ़ने का संकेत देती है।




