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Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गोतावन पुरवा गांव में 70 वर्षीय राम औतार उर्फ फक्कड़ की मौत हो गई। यह घटना एक दुर्भाग्यपूर्ण संयोग के कारण हुई, जिसमें मधुमक्खियों का हमला और जंगली घास में आग लगने का मिश्रण था।

मधुमक्खियों से बचते हुए हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, राम औतार रोजाना की तरह जंगल में मूंज (जंगली घास) इकट्ठा करने गए थे, ताकि वे उसे बेचकर परिवार का गुजारा कर सकें। मंगलवार दोपहर को जब वह जंगल में थे, तो अचानक एक मधुमक्खियों का झुंड उन पर हमला कर बैठा। घबराए हुए राम औतार सड़क के किनारे पड़ी झाड़ियों में छिपने की कोशिश करने लगे। इस दौरान किसी व्यक्ति ने मधुमक्खियों को भगाने के लिए झाड़ियों में आग लगा दी, जिसका नतीजा राम औतार के लिए घातक साबित हुआ।

झाड़ियों में आग लगने से हुई मौत

राम औतार जिस झाड़ी में छिपे थे, उसमें आग लगने के कारण वह उस आग में फंस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि वह भागने में असमर्थ रहे। आसपास के लोग डर के मारे वहां से भाग गए और देर शाम तक राम औतार के घर न लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उनके शव को जली हुई झाड़ियों में पाया गया।

परिवार में शोक का माहौल

इस दर्दनाक हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। राम औतार की पत्नी का कहना था कि सुबह ही उनके पति बाबा टीकाराम धाम मेले से सिंदूर लाए थे और दोपहर को मूंज लेने के लिए जंगल गए थे। उन्हें कभी यह नहीं लगा था कि वह अपने पति को आखिरी बार देखेंगे।