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धनात्मक होम लोन लेने के बाद अक्सर EMI और कुल ब्याज का बोझ सता सकता है। लेकिन पाँच स्मार्ट तरीकों का इस्तेमाल कर आप न केवल मासिक किस्तों को कम कर सकते हैं, बल्कि लोन की अवधि भी घटा सकते हैं।
1. प्रीपेमेंट पाएं – इंटरेस्ट बचत हो तेज
जब भी अचानक कोई लकीर मिले – बोनस, टैक रिटर्न, म्यूचुअल फंड रिडेम्प्शन – उसे होम लोन के प्रिंसिपल में चढ़ा दें। इससे इंटरेस्ट तेज घटता है और टेन्योर कम होता है । खास बात कि फ्लोटिंग रेट लोन पर RBI नियमों के अनुसार बैंक प्रीपेमेंट पर पेनाल्टी नहीं लेते।
2. अतिरिक्त EMI – एकदम Principal में कटौती
हर साल आम EMI के अलावा एक अतिरिक्त EMI भुगतान करें। मान लीजिए आपके 25 वर्ष की लोन पर प्रति माह ₹40,000 EMI है, तो साल में ₹4.8 लाख अतिरिक्त देना आपके लोन को तेज़ी से घटाएगा और टेन्योर 25 से 20 साल तक कर सकता है।
3. स्टेप‑अप EMI प्लान – बढ़ती आमदनी के अनुसार भुगतान
स्टेप‑अप EMI प्लान में शुरुआती EMI कम होती है, लेकिन समय के साथ धीरे‑धीरे बढ़ती है। इस तरीके से आप शुरुआती वित्तीय दबाव को संभालते हुए भविष्य में लोन जल्दी चुका सकते हैं।
4. बैलेंस ट्रांसफर – कम ब्याज दर पर फायदा उठाएं
यदि कोई दूसरी बैंक कम ब्याज दर या बेहतर शर्तें दे रही है, तो बैलेंस ट्रांसफर करवाने से कुल लागत पर बड़ा असर पड़ता है। हालांकि इसमें प्रोसेसिंग फीस लग सकती है।
5. टेनेयर का स्मार्ट एडजस्टमेंट
यदि मासिक बजट पर दबाव है तो आप लोन टेन्योर बढ़ा सकते हैं, जिससे EMI में आराम मिलता है। लेकिन ध्यान दें – इससे कुल ब्याज बढ़ता है।
इस रणनीति से क्या आंकड़े साबित करते हैं?
RBI ने जून 2025 में रेपो रेट में कुल 100 बेसिस पॉइंट्स कटौती की, जिससे होम लोन की ब्याज दर 9.5% से घटकर 8.5% तक आ गई, और 50 लाख के लोन पर यह कटौती सैकड़ों हज़ार रुपये बचा सकती है – तकरीबन ₹7.71 लाख।
सही समय पर प्रीपेमेंट करके, अनट्रैक्टिव एसेट्स से राशि मोड़कर और रेपो के बदलाव के पूरे लाभ लेने से, ब्याज और अवधि दोनों में काफी लाभ हो सकता है।
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