Up Kiran, Digital Desk: अयोध्या के श्री राम मंदिर में रामलला के दर्शन और आरती को लेकर भक्तों की श्रद्धा गहरी है। हालांकि, इस पवित्र आस्था का फायदा उठाने वाले असामाजिक तत्वों ने श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंदिर के दर्शन के लिए रोज़ाना लाखों लोग अयोध्या पहुंचते हैं, और अब इसी बढ़ती भीड़ का फायदा उठाने के लिए दलाल सक्रिय हो गए हैं।
वीआईपी दर्शन और फर्जी आरती पास की दलाली
मंदिर में दर्शन करने के लिए एक निश्चित प्रक्रिया है और आरती पास भी निशुल्क होते हैं। फिर भी, कुछ दलाल भक्तों को यह झांसा देते हैं कि वे जल्दी दर्शन या कंफर्म आरती पास दिलवाने का दावा कर रहे हैं। बदले में ये दलाल मोटी रकम वसूलते हैं। असल में, मंदिर ट्रस्ट की ओर से ये सुविधाएं पूरी तरह से नि:शुल्क और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार दी जाती हैं।
श्रद्धालुओं के लिए बढ़ी समस्याएं
बात यहीं खत्म नहीं होती। दलालों द्वारा फर्जी पास और वीआईपी एंट्री का लालच देने से श्रद्धालुओं को न केवल मानसिक तनाव होता है, बल्कि कई बार लंबी कतारों में खड़ा रहकर या ऑनलाइन सही प्रक्रिया से बुकिंग करने की कोशिश में समय भी बर्बाद होता है। वहीं, जो भक्त दलालों के जाल में फंस जाते हैं, उन्हें असल में दर्शन का अवसर नहीं मिल पाता।
मंदिर ट्रस्ट और पुलिस की कार्रवाई
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह स्पष्ट किया है कि आरती के पास पूरी तरह से मुफ्त हैं और इन्हें केवल आधिकारिक वेबसाइट या मंदिर के काउंटर से ही प्राप्त किया जा सकता है। हाल ही में, अयोध्या पुलिस ने ऐसे कई दलालों को गिरफ्तार किया है जो वीआईपी पास के नाम पर श्रद्धालुओं से पैसे वसूल रहे थे। पुलिस ने साइबर सेल के साथ मिलकर उन फर्जी वेबसाइटों पर भी कार्रवाई की है जो राम मंदिर के नाम पर पैसे मांग रही थीं।




