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Up Kiran,Digital Desk: 2026 की ग्लोबल फायरपावर रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपनी सैन्य शक्ति में न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रमुख ताकत बनकर उभरा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है, जिससे उसकी सैन्य प्रतिष्ठा को एक बड़ा धक्का लगा है।

भारत की लगातार मजबूत स्थिति
ग्लोबल फायरपावर की ताजा रिपोर्ट में भारत ने चौथे स्थान पर अपनी स्थिति बनाए रखी है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। भारत का यह स्थान न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा में बल्कि वैश्विक सैन्य संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं पाकिस्तान के लिए यह समय एक बुरा झटका साबित हुआ है। पहले 12वें स्थान पर रहने वाला पाकिस्तान अब फिसलकर 14वें स्थान पर पहुँच गया है।

पाकिस्तान की रैंकिंग में गिरावट का कारण
रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की यह गिरावट मुख्यतः भारत के साथ 2025 में हुए सैन्य टकराव की वजह से आई है। मई 2025 में हुए इस सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा, जिससे उसकी सैन्य स्थिति कमजोर हुई।

ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स क्या है?
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स सैन्य ताकत का आंकलन करता है और इसमें 145 देशों की सैन्य क्षमताओं को मापा जाता है। यह इंडेक्स 60 से अधिक महत्वपूर्ण मानकों पर आधारित होता है, जैसे सेना का आकार, आधुनिक हथियार, वायुसेना और नौसेना की ताकत, रक्षा बजट और रणनीतिक क्षमता। इन सभी पैमानों पर पाकिस्तान इस बार पिछड़ता हुआ नजर आया।

ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान के लिए टर्निंग पॉइंट
पाकिस्तान की सैन्य रैंकिंग में गिरावट का प्रमुख कारण भारत द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर माना जा रहा है। यह अभियान कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। मई 2025 में, भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर सटीक एयर स्ट्राइक और मिसाइल हमले किए, जिनमें पाकिस्तान के 11 एयरबेस, 6 रडार सिस्टम और 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया था। इन हमलों में 100 से अधिक आतंकियों की मौत भी हुई।

भारत की सैन्य शक्ति का वैश्विक प्रभाव
2026 की ग्लोबल रैंकिंग में भारत की चौथी पोजीशन दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है। यह रैंकिंग बताती है कि भारत अब केवल अपने पड़ोसियों के लिए नहीं बल्कि दुनिया भर में सुरक्षा और सैन्य मामलों में एक निर्णायक शक्ति बन चुका है।

दुनिया की शीर्ष सैन्य ताकतें:

पहला स्थान: अमेरिका

दूसरा स्थान: रूस

तीसरा स्थान: चीन

चौथा स्थान: भारत