img

Up Kiran, Digital Desk: मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के एक सम्मानित और अनुभवी अभिनेता कन्नन पट्टाम्बी, जिनका योगदान तीन दशकों से भी अधिक समय तक सिनेमा में रहा, का रविवार रात निधन हो गया। उन्होंने अपनी अंतिम सांस 4 जनवरी को पालक्काड के न्यांगत्तिरी स्थित अपने घर में ली। उनकी मौत की खबर ने न केवल सिनेमा जगत को बल्कि उनके लाखों फैंस को भी गहरे शोक में डाल दिया।

अंतिम विदाई: कन्नन पट्टाम्बी का अंतिम संस्कार

कन्नन पट्टाम्बी के बड़े भाई और फिल्म निर्देशक मेजर रवि ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सोमवार को शाम 4 बजे उनके पैतृक गांव न्यांगत्तिरी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भावुक रवि ने अपने छोटे भाई के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

सिनेमा में एक अटूट योगदान

कन्नन पट्टाम्बी को केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सशक्त प्रोडक्शन कंट्रोलर के रूप में भी याद किया जाएगा। उन्होंने कई प्रमुख फिल्मों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें उनकी पहचान सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं थी। 23 फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया और अपनी काम की गंभीरता और प्रतिबद्धता से साबित किया कि वह सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण के हर पहलू में अहम थे। उनकी प्रमुख फिल्मों में "पुलिमुरुगन", "ओडियन", "12th मैन" और "पट्टाम्बी अनंतभद्रम" शामिल हैं। विशेष रूप से "पुलिमुरुगन" को मलयालम सिनेमा का एक माइलस्टोन माना गया, जो उनकी पेशेवर यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।

बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर किया

कन्नन पट्टाम्बी ने मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल के साथ भी काम किया। हालांकि, वह कभी मुख्य भूमिका में नहीं दिखे, लेकिन उनकी प्रतिभा और परफॉर्मेंस ने हमेशा दर्शकों को प्रभावित किया। उनकी फिल्मों में "पुनरधिवासम", "क्रेज़ी गोपालन", "कंधार", "तंत्र", "मिशन 90 डेज़", "कुरुक्षेत्र" और "किलिचुंडन माम्बाझम" जैसी महत्वपूर्ण कृतियाँ शामिल हैं।

प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी उनकी पहचान

कन्नन पट्टाम्बी ने प्रोडक्शन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने शाजी कैलास, वी. के. प्रकाश, संतोष सिवन और अन्य प्रमुख फिल्मकारों के साथ काम किया और हमेशा एक भरोसेमंद और पेशेवर टीम मेंबर के रूप में अपनी छाप छोड़ी। उनकी काम की ethic और समर्पण ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक आदर्श बना दिया।

फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को लगा गहरा झटका

कन्नन पट्टाम्बी का निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा, और उनकी फिल्मों में उनका काम दर्शकों को हमेशा प्रभावित करता रहेगा। सिनेमा के प्रति उनके प्रेम और समर्पण ने उन्हें इंडस्ट्री में एक विशिष्ट स्थान दिलाया।