Up kiran,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने वाली है। नगर निगम ने शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित दवा और साड़ी मंडी को स्थानांतरित (Shift) करने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब ये मंडियां कैंट मालगोदाम स्थित 'नमो बनारस केंद्र' में संचालित होंगी। इस कदम से न केवल काशी की सड़कों पर दबाव कम होगा, बल्कि व्यापारियों और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
145 करोड़ की लागत से बनेगा 'नमो बनारस केंद्र'
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर मुहर लगाई गई। कैंट मालगोदाम की 48,365 वर्गमीटर भूमि पर 145 करोड़ रुपये की लागत से एक छह मंजिला अत्याधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।
दुकानों की संख्या: इस कॉम्प्लेक्स में कुल 844 दुकानें होंगी।
दुकानों का आकार: व्यापारियों की जरूरत के अनुसार दुकानें 155 वर्गफीट से लेकर 655 वर्गफीट तक की होंगी।
फंडिंग: नगर निगम आवंटियों से लगभग 100 करोड़ रुपये शुल्क के रूप में जुटाएगा, जबकि शेष 45.36 करोड़ रुपये राज्य वित्त आयोग के अनुदान से खर्च किए जाएंगे।
व्यापारियों और पर्यटकों के लिए वरदान
वर्तमान में दवा मंडी (सप्तसागर) और साड़ी मंडी (चौक क्षेत्र) काशी विश्वनाथ मंदिर के करीब स्थित हैं। इन तंग गलियों में भारी वाहनों और ग्राहकों की आवाजाही से दिनभर जाम लगा रहता है।
आसान ट्रांसपोर्ट: मालगोदाम स्टेशन के पास होने के कारण दवाओं और साड़ियों की लोडिंग-अनलोडिंग आसान हो जाएगी।
पर्यटन को बढ़ावा: शहर के बीच से मंडी शिफ्ट होने के बाद पर्यटकों को विश्वनाथ धाम जाने में कम समय लगेगा।
आर्थिक मजबूती: महापौर के अनुसार, यह केंद्र पारंपरिक बुनकरों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा और शहर के आर्थिक ढांचे को मजबूत करेगा।
प्रमुख संस्थानों में मुफ्त वाई-फाई और अन्य महत्वपूर्ण फैसले
नगर निगम ने इस बैठक में जनता की सुविधा के लिए कई अन्य बड़े निर्णय भी लिए हैं:
अस्पतालों में वाई-फाई: अस्सी और दशाश्वमेध घाटों के बाद अब बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू अस्पताल और कैंसर अस्पताल परिसर में तीमारदारों के लिए मुफ्त वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी।
होम स्टे और पीजी: वाराणसी में पर्यटन को देखते हुए होम स्टे और पीजी के लिए 1500 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क तय किया गया है।
बिजली उपकेंद्र: शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए सलारपुर और पहड़िया में नए बिजली उपकेंद्रों के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई।
प्रवर्तन दल का विस्तार: अतिक्रमण हटाने के लिए प्रवर्तन दल में जवानों की संख्या 21 से बढ़ाकर 40 की जाएगी।
निर्माण कार्यों में देरी पर सख्त निर्देश
महापौर ने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी काम शुरू न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को आदेश दिया कि टेंडर जारी होने के एक सप्ताह के भीतर ठेकेदार से अनुबंध कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि सड़कों और गलियों की मरम्मत में देरी न हो।




