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Up kiran,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे 'गंगा एक्सप्रेसवे' का लोकार्पण करते हुए सूबे में सियासी पारे को गरमा दिया है। हरदोई के मल्लावां में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने न केवल विकास की नई गाथा लिखी, बल्कि विपक्षी खेमे, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा को विकास और नारी शक्ति दोनों का विरोधी करार देते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी शंखनाद कर दिया।

"समाजवादी पार्टी कभी सुधर नहीं सकती"

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सपा के पिछले शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय अपराध और 'जंगलराज' ही उत्तर प्रदेश की पहचान बन गए थे। उन्होंने कहा, "सपा के राज में प्रदेश की जो स्थिति थी, उसका उदाहरण पूरे देश में दिया जाता था।" पीएम मोदी ने आगे जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब यह समझ चुकी है कि "समाजवादी पार्टी कभी सुधर नहीं सकती।"

नारी शक्ति वंदन संशोधन पर घेरा

विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए पीएम मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन संशोधन' बिल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार चाहती थी कि बड़ी संख्या में माताएं और बहनें सांसद-विधायक बनकर दिल्ली और लखनऊ पहुंचें, लेकिन सपा ने इस संशोधन बिल के खिलाफ वोट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा उन पार्टियों (DMK) के सुर में सुर मिला रही है जो उत्तर प्रदेश को गाली देती हैं और सीटों की संख्या बढ़ने पर आपत्ति जताती हैं। उन्होंने जनता से कहा, "ये लोग आपके वोट लेकर संसद जाते हैं और वहां यूपी को गाली देने वालों के साथ खड़े हो जाते हैं।"

डबल इंजन सरकार की स्पीड और विजन

गंगा एक्सप्रेसवे की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महज 5 साल के भीतर देश का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनकर तैयार होना भाजपा के काम करने के तरीके को दर्शाता है। उन्होंने घोषणा की कि यह मार्ग केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे हरिद्वार तक विस्तार दिया जाएगा। साथ ही, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए इसे अन्य मार्गों से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने इसे 'डवल इंजन' सरकार की स्पीड और विजन का बेहतरीन उदाहरण बताया।

किसानों की उपेक्षा पर पूर्ववर्ती सरकारों को लताड़ा

पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने किसानों को सिर्फ उनके हाल पर छोड़ दिया था। कोल्ड स्टोरेज और बेहतर लॉजिस्टिक्स की कमी के कारण किसानों की फसलें बड़े बाजारों तक नहीं पहुंच पाती थीं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से अब किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।