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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय समाज में वास्तु शास्त्र केवल घर की बनावट तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की आदतों से भी जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि सुबह उठते ही जो दृश्य हमारी आंखों के सामने आता है, वही हमारे मनोभाव और दिन की दिशा तय कर सकता है। इसी सोच के चलते वास्तु में कुछ चीजों को सुबह देखने से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि नकारात्मकता से दिन की शुरुआत न हो।

जागते ही परछाई दिखना क्यों माना जाता है अशुभ

वास्तु मान्यताओं के अनुसार नींद खुलते ही अपनी परछाई पर नजर पड़ना अच्छा संकेत नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे मानसिक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और व्यक्ति दिनभर असमंजस या थकान महसूस कर सकता है। इसलिए सुबह आंख खुलते ही उजाले की ओर देखने की परंपरा बताई जाती है।

टूटा आईना बढ़ा सकता है अस्थिरता

घर में मौजूद टूटा या दरार वाला आईना वास्तु के लिहाज से नकारात्मक प्रभाव डालने वाला माना जाता है। खासतौर पर सुबह तैयार होते समय ऐसा आईना देखने से आत्मविश्वास में कमी और कामों में अड़चन आने की बात कही जाती है। इसी कारण टूटे आईने को तुरंत हटाने की सलाह दी जाती है।

सुबह रसोई में गंदे बर्तन क्यों माने जाते हैं अशुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह उठकर जूठे बर्तन देखना घर के माहौल पर असर डाल सकता है। ऐसी स्थिति को तनाव और आर्थिक असंतुलन से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से कई घरों में रात को ही रसोई साफ रखने की परंपरा निभाई जाती है।

बंद घड़ी से जुड़ी मान्यता

समय का प्रतीक मानी जाने वाली घड़ी यदि रुकी हुई हो, तो उसे सुबह देखना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे जीवन में प्रगति रुकने का संकेत मिलता है और कामों में देरी हो सकती है। वास्तु के अनुसार घड़ी हमेशा चालू हालत में होनी चाहिए।

खंडित मूर्तियां और नकारात्मक ऊर्जा

सुबह के समय टूटी या क्षतिग्रस्त देवी-देवताओं की प्रतिमा देखना वास्तु में वर्जित बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि ऐसी मूर्तियां सकारात्मक ऊर्जा को बाधित करती हैं। मान्यताओं के अनुसार खंडित प्रतिमाओं को सम्मान के साथ किसी पवित्र जल में प्रवाहित कर देना उचित होता है।