Up Kiran, Digital Desk: ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया में पहला ऐसा कदम उठाया है जहां 16 साल से छोटे बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने का फैसला लिया गया। इस नियम से माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी जबकि वैश्विक स्तर पर अन्य देशों को भी प्रेरणा मिल सकती है। कानून 10 दिसंबर से प्रभावी होगा और इससे युवाओं की मानसिक सेहत पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
इस नीति के तहत इंस्टाग्राम फेसबुक टिकटॉक और यूट्यूब जैसी साइटों तक पहुंच बंद होगी। मेटा कंपनी ने पहले ही कम उम्र वालों के खाते हटा दिए हैं। हालांकि वॉट्सऐप और मैसेंजर जैसी चैटिंग सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है। अगर कंपनियां नियम तोड़ती हैं तो उन पर लगभग 288 करोड़ रुपये का भारी दंड लग सकता है जो प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदार बनाने का तरीका है।
एक अन्य खबर: स्टारलिंक की भारत में सेवा कीमत पर फैली गलतफहमी
नई दिल्ली से आई खबर में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने घरेलू ग्राहकों के लिए मासिक योजना बताई थी जिसमें 8600 रुपये में असीमित डेटा और 34000 रुपये की किट शामिल थी।
इसमें सैटेलाइट डिश, राउटर केबल और माउंटिंग सामग्री के साथ 30 दिन का मुफ्त परीक्षण और रिफंड की सुविधा भी थी। कंपनी का मकसद ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंचाना था जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड नहीं पहुंचता। लेकिन स्पेसएक्स ने स्पष्ट किया कि यह सूचना गलत है क्योंकि रॉ डेटा की वजह से भूल हुई और भारत में मूल्य अभी तय नहीं हैं।




