Up kiran,Digital Desk : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बड़े संघर्ष को रोक दिया और इस “शांति उपाय” के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने उन्हें सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी दिया — कहा यह कि उनके प्रयास से कम से कम 10 मिलियन (1 करोड़) लोगों की जान बची।
ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहते हुए दिया, जहाँ उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच हथियारों का इस्तेमाल तेज़ हो रहा था, और उन्होंने हस्तक्षेप करके स्थिति को ‘शांत’ किया। इसके साथ ही उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी अपनी दावेदारी को दोहराया, यह कहते हुए कि ऐसी बातचीत और संघर्ष रोकने में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी।
भारत का रुख
भारत ने ट्रंप के इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। भारत का कहना है कि कोई तीसरा पक्ष संघर्ष को हल करने में भूमिका नहीं निभा रहा था और दोनों देशों के बीच सीधे द्विपक्षीय बातचीत के बाद समझौता हुआ। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पर उच्च अधिकारी स्तर पर हुई वार्ता ने ही संघर्ष को शांत किया।
क्या वास्तव में पाकिस्तान ने ट्रंप को धन्यवाद कहा था?
ट्रंप यह बयान कई बार दोहरा चुके हैं, लेकिन पाक सरकार से इस दावे का कोई आधिकारिक वीडियो या स्पष्ट बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है। यानी ट्रंप का कथन अभी तक आधिकारिक रूप से पूरी तरह सत्यापित नहीं है, और इसलिए अलग‑अलग मीडिया रिपोर्ट्स में इस पर वैचारिक मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
ट्रंप का बड़ा दावाः नोबेल शांति पुरस्कार
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने लगभग आठ बड़े संघर्षों को रोका है और इसी आधार पर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी इसी अवसर पर दोहराई जहां वे अपने कूटनीतिक प्रयासों का ज़िक्र कर रहे थे।
क्यों यह खबर चर्चा में है?
ट्रंप लगातार अपने वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों को उजागर कर रहे हैं।
भारत‑पाकिस्तान जैसी संवेदनशील स्थिति में तीसरे पक्ष के दावों पर स्पष्टीकरण को लेकर विवाद बढ़ रहा है।
दोनों देशों के बीच संघर्ष के पीछे कारणों और समाधान की जिम्मेदारी समेत राजनयिक इतिहास पर बहस जारी है।
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