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Up Kiran, Digital Desk: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर क्षेत्रीय निवासियों ने चिंता जताई है। खासकर राजगढ़ी सरनौल मोटर मार्ग की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। सड़कों की खराब डामरीकरण, रखरखाव में कमी और गुणवत्ता के साथ समझौता होने के कारण स्थानीय लोग परेशान हैं।

सरनौल के ग्राम प्रधान, बालेन्द्र सिंह रावत, और क्षेत्र पंचायत सदस्य आचार्य मनोज सेमवाल ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से कई बार बातचीत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

इसी बीच, सरनौल गांव के बलवीर सिंह राणा ने भी सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "यह सड़क सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि पांच गांवों सरनौल, आठ गांव सरबडियार क्षेत्र समेत राजगढ़ी, फरी, गंगटाडी और मणपा कोटी—के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति विभाग के कामकाजी तरीकों पर गंभीर सवाल उठाती है।"

बलवीर सिंह ने आगे कहा कि, "कृपया यह बताएं कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़क की गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो पाया?" इस समय सड़क पर हो रहे पैंचवर्क पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि अगर इस बार डामरीकरण मानकों के अनुसार नहीं हुआ, तो अगली बारिश में सड़क फिर से उखड़ जाएगी और उसकी हालत पहले जैसी हो जाएगी।

इधर, स्थानीय प्रशासन ने हाल ही में जिले की सड़कों की स्थिति को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। लोनिवि, पीएमजीएसवाई और अन्य एजेंसियों को आदेश दिए गए हैं कि अक्टूबर के अंतिम महीने तक जिले की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, और यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।