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Up kiran,Digital Desk : चीन की सेना और रक्षा व्यवस्था में इस समय बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के बीच रक्षा क्षेत्र से जुड़े तीन सांसदों को उनके पदों से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब चीनी सेना के शीर्ष जनरल झांग यूक्सिया भ्रष्टाचार जांच के दायरे में हैं।

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, हटाए गए सांसद रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु उद्योग से जुड़े थे। हालांकि शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन सांसदों पर सीधे तौर पर कोई जांच चल रही है या नहीं, और न ही बर्खास्तगी का कारण सार्वजनिक किया गया है।

इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने 24 जनवरी को जानकारी दी थी कि जनरल झांग यूक्सिया पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोपों की जांच की जा रही है। झांग को राष्ट्रपति शी जिनपिंग का करीबी सहयोगी माना जाता है और वह चीनी सैन्य नेतृत्व में शी के बाद दूसरे सबसे प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं।

किन सांसदों पर गिरी गाज?

पद से हटाए गए सांसदों में एविएशन इंडस्ट्री कॉर्प ऑफ चाइना (AVIC) के पूर्व प्रमुख झोउ शिनमिन शामिल हैं, जो चीन के अधिकतर सैन्य विमान और ड्रोन बनाने वाली सरकारी कंपनी से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा कंपनी के मुख्य अभियंता लूओ क्यूई और परमाणु हथियारों पर काम करने वाले शोधकर्ता लियू कैंगली को भी हटाया गया है।

इन बर्खास्तगियों की घोषणा ऐसे समय पर की गई है, जब चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की वार्षिक बैठक में सिर्फ एक महीना बचा है। यह बैठक सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की नई पांच वर्षीय योजना की शुरुआत का संकेत मानी जाती है।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग का लक्ष्य है कि चीन 2035 तक अपनी सेना का पूर्ण आधुनिकीकरण करे। चीन पहले ही अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश है। हालांकि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) का कहना है कि चीनी सेना में भ्रष्टाचार इस लक्ष्य की राह में बड़ी बाधा बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि शी जिनपिंग सेना और रक्षा उद्योग में अनुशासन मजबूत करना चाहते हैं, चाहे इसके लिए कितने ही बड़े नामों पर कार्रवाई क्यों न करनी पड़े।