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Up Kiran, Digital Desk: ब्रिटेन में नर्सिंग का पेशा न केवल एक सम्मानजनक करियर विकल्प माना जाता है, बल्कि यह उच्च सैलरी, जिम्मेदारी और व्यक्तिगत संतोष का भी एक बेहतरीन मेल है। यहाँ नर्सों की सैलरी उनकी विशेषज्ञता, अनुभव और काम के क्षेत्र के आधार पर तय होती है। विशेष रूप से ब्रिटेन का नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) सिस्टम नर्सों को स्थिर करियर और बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करता है। लेकिन प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाली नर्सों के लिए सैलरी पैकेज और भी आकर्षक हो सकते हैं।
शुरुआत से लेकर विशेषज्ञता तक: सैलरी का सफर
ब्रिटेन में नर्सिंग पेशे की शुरुआत करने वाले नर्सों के लिए एक अच्छी शुरुआत होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती स्तर पर जो नर्सें अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी शुरू करती हैं, उन्हें करीब 25,000 पाउंड सालाना वेतन मिलता है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 26 लाख रुपये के आसपास होती है।
समय के साथ जैसे-जैसे नर्स का अनुभव बढ़ता है, उनकी सैलरी में भी इजाफा होता है। लगभग पांच से दस साल के अनुभव वाली नर्सों की वार्षिक कमाई 37,000 पाउंड से 42,000 पाउंड तक हो सकती है, जो भारतीय रुपये में लगभग 39 लाख से 44 लाख रुपये के बीच होती है।
विशेषज्ञता से सैलरी में और इजाफा
नर्सों के लिए विशेषज्ञता प्राप्त करना एक बेहतरीन तरीका है अपनी सैलरी में इजाफा करने का। अगर कोई नर्स एनेस्थीसिया, इमरजेंसी केयर या क्लिनिकल नर्स स्पेशलिस्ट जैसी विशिष्ट भूमिकाओं में काम करने लगे, तो उनकी सैलरी और भी अधिक हो सकती है। ऐसे पदों पर काम करने वाली नर्सों की सालाना आय 47,000 पाउंड से अधिक हो सकती है, जो भारतीय रुपयों में लगभग 49 लाख रुपये के आसपास होती है।
ब्रिटेन में नर्सिंग पेशे को एक अच्छा करियर विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें न केवल सैलरी आकर्षक है, बल्कि सामाजिक सम्मान और पेशेवर जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। इस पेशे के प्रति उच्च मान्यता और स्थिरता इसे विशेष बनाती है।
प्राइवेट सेक्टर की सैलरी और अवसर
एनएचएस में नर्सों को एक तय पे-बैंड सिस्टम के तहत सैलरी मिलती है, जिसमें विभिन्न पदों के हिसाब से वेतन निर्धारित होता है। वहीं, प्राइवेट सेक्टर में भी नर्सों की मांग बहुत अधिक है। कई बार प्राइवेट हॉस्पिटल और हेल्थकेयर सेंटर्स में नर्सों को एनएचएस से भी अधिक सैलरी मिल सकती है। हालांकि, प्राइवेट सेक्टर में पे-बैंड सिस्टम लागू नहीं होता है, और सैलरी के पैटर्न में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।
प्राइवेट सेक्टर में नर्सों के लिए लचीलापन होता है, और उनके पास ज्यादा मौके होते हैं, जहां वे अपनी कार्य शैली और कार्य का क्षेत्र चुन सकते हैं। यही कारण है कि प्राइवेट सेक्टर में नर्सिंग को एक आकर्षक विकल्प माना जाता है।
कोविड-19 महामारी और नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका
कोविड-19 महामारी के दौरान, नर्सों की भूमिका ने पूरी दुनिया को यह समझा दिया कि उनका काम कितना महत्वपूर्ण है। ब्रिटेन में नर्सों ने महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों लोगों की जान बचाई। इसी समय, ब्रिटिश सरकार और स्वास्थ्य संस्थाओं ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए कि नर्सों की आय और सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए।
नर्सिंग: एक बेहतरीन करियर विकल्प
ब्रिटेन में नर्सिंग को केवल एक पेशा ही नहीं, बल्कि एक ऐसा करियर माना जाता है, जिसमें न केवल आर्थिक संतुष्टि है, बल्कि सामाजिक सम्मान भी मिलता है। यहां की नर्सों की सैलरी और पेशेवर सम्मान भारतीय नर्सों की तुलना में कहीं अधिक है। यह पेशा उन लोगों के लिए आदर्श है, जो स्वास्थ्य सेवा में योगदान देना चाहते हैं और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा रखते हैं।
सिर्फ उच्च सैलरी ही नहीं, बल्कि नर्सों को मिलने वाली शिक्षा, प्रशिक्षण और कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाएं भी ब्रिटेन में नर्सिंग पेशे को एक अत्यधिक सम्मानित और आकर्षक विकल्प बनाती हैं।
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