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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस उनके खून की प्यासी हो गई है। जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान अपने काफिले पर हुए हमले पर चौहान ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है।
शिवराज

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘कांग्रेस मेरे खून की प्यासी हो गई है। मध्यप्रदेश की राजनीति में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। विचारों का संघर्ष चलता था, अलग-अलग दल अपने कार्यक्रम करती थे, पर कभी ये नहीं हुआ।’

उन्होंने आगे कहा ‘मैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से पूछना चाहता हूं कि क्या ये सही है जो उनके नेता और कार्यकर्ता कर रहे हैं? वे कांग्रेस को किस रास्ते पर ले जाना चाहते हैं?

गाड़ी पर पथराव, दिखाए काले झंडे 

चौहान के जनआशीर्वाद यात्रा के रथ पर रविवार रात प्रदेश के सीधी जिले के चुरहट में कथित तौर पर पथराव किया गया।

चुरहट थाना प्रभारी राम बाबू चौधरी ने बताया कि पथराव के दौरान मुख्यमंत्री रथ में मौजूद थे, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि पत्थरबाजी किसने और किस मकसद से की इस पर अभी पुलिस जांच कर रही है। भाजपा ने कांग्रेस पर पथराव कराने का आरोप लगाया है।

वहीं इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा अगर ताकत है तो सामने आकर मुकाबला करो। उन्होंने कहा जनता ने मुझे चुरहट में जो आशीर्वाद दिया है, जिस तरह जनसैलाब स्वागत के लिए उमड़ा है उससे बौखलाते क्यों हो? मैं किसी से घबराने वाला नहीं हूं।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया कि, ‘चुरहट विधानसभा क्षेत्र में शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के रथ पर किया गया पथराव कायराना हरकत है। सभ्य समाज में ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जनता इस कायरता का करारा जवाब कांग्रेस को देगी’।

वहीं मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने ट्वीट करते हुए कहा कि चुरहट में जन आशीर्वाद यात्रा को मिले अपार जनसमर्थन से लोग कायरों की तरह पथराव पर उतर आए। पूरे प्रदेश की जनता और ईश्वर मुख्यमंत्री के साथ हैं। कायराना हरकत करने वालों, जनता तुम्हारी कायरता का करारा जवाब देगी।

काले झंडे भी दिखाए गए

सीधी जिले के मायापुर में जब शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा पहुंची तो विरोध स्वरूप लोगों ने सीएम शिवराज को काले झंडे दिखाए। अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि काले झंडे दिखाने वाले किसी राजनैतिक संगठन से थे या एससी-एसटी एक्ट एक्ट का विरोध करने वाले संगठनों से जुड़े हुए लोग थे क्योंकि रविवार को पूरे प्रदेश में नेताओं को एससी- एसटी एक्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा है।

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