पेट की चर्बी घटानी है तो गेहूं नहीं, इन 4 आटों की रोटियां कर सकती हैं कमाल
भारतीय खानपान में गेहूं के आटे से तैयार रोटियां सदियों से मुख्य आहार का हिस्सा रही हैं। लेकिन यदि आप पेट की चर्बी घटाने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने की योजना बना रहे हैं, तो थाली में सामान्य गेहूं की जगह पोषक तत्वों से भरपूर दूसरे आटों की रोटियों को तरजीह देनी चाहिए।
दरअसल गेहूं में ग्लूटेन नामक प्रोटीन मौजूद होता है, जिससे संवेदनशील पेट वाले लोगों को गैस, एसिडिटी, भारीपन और आंतों से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में पुणे स्थित इनामदार हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट और जनरल फिजिशियन डॉ. शालिनी सालुंखे उन स्वास्थ्यवर्धक आटों के बारे में जानकारी दे रही हैं, जो गेहूं का बेहतरीन और गुणकारी विकल्प बन सकते हैं।
मांसपेशियों और हड्डियों को ताकत देगा राजगिरा का आटा
राजगिरा (अमारंथ) का आटा पोषण का पावरहाउस माना जाता है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, भरपूर डायटरी फाइबर और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। पूरी तरह ग्लूटेन-फ्री होने के कारण यह आंतों पर बिल्कुल भी भारी नहीं पड़ता और सुपाच्य रहता है। नियमित रूप से राजगिरा की रोटी खाने से मांसपेशियों (मसल्स) को मजबूती मिलती है और हड्डियों का घनत्व भी बेहतर बना रहता है।
पेट की सेहत के लिए रामबाण है सिंघाड़े का आटा
सिंघाड़े का आटा भी ग्लूटेन से पूरी तरह मुक्त होता है और इसमें शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाले स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। यह पेट की जलन और गैस्ट्रिक दिक्कतों को शांत करने के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद उच्च डायटरी फाइबर पाचन क्रिया की गति को तेज करता है, जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।
दिल की हिफाजत और सूजन कम करने में असरदार कुट्टू
कुट्टू का आटा (बकव्हीट) सेहत के लिए बेहद फायदेमंद अनाजों में शुमार है। इसमें 'रूटिन' (Rutin) नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर प्रचुर मात्रा में मिलता है। यह शरीर में पुरानी से पुरानी अंदरूनी सूजन (इंफ्लेमेशन) को कम करने में असर दिखाता है और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को सुरक्षित रखकर हृदय स्वास्थ्य (हार्ट हेल्थ) को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
कैल्शियम से भरपूर रागी की रोटी से वजन पर कंट्रोल
रागी यानी मडुआ का आटा कैल्शियम का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है, जो बढ़ती उम्र में हड्डियों को फौलादी मजबूती देने में मदद करता है। इसके साथ ही रागी में मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भूख को नियंत्रित रखते हैं, जिससे वजन तेजी से कम करने में आसानी होती है।